Maharashtra Economic Survey 2025-26 (फोटो क्रेडिट-X)
1 Trillion Dollar Economy Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 5 मार्च 2026 को विधानसभा में राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए एक नई ऊर्जा का संचार किया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महाराष्ट्र की विकास दर 7.9% रहने का अनुमान है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को प्रमाणित करता है। फडणवीस ने इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय मुख्य रूप से पांच प्रमुख क्षेत्रों को दिया है, जिन्हें उन्होंने देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की ‘संजीवनी’ और ‘ग्रोथ इंजन’ करार दिया। यह सर्वेक्षण न केवल राज्य की वर्तमान प्रगति को दर्शाता है, बल्कि महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महासंकल्प की दिशा में एक ठोस कदम भी माना जा रहा है।
आर्थिक सर्वेक्षण के निष्कर्षों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र भारत के औद्योगिक और डिजिटल पावरहाउस के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सेवा क्षेत्र से लेकर उभरती तकनीक तक, हर क्षेत्र ने राज्य की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश की आमद और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने विकास की गति को ‘अनस्टॉपेबल’ बना दिया है। फडणवीस के अनुसार, इन पांच क्षेत्रों का समन्वय ही वह जादुई फॉर्मूला है जो महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश मानचित्र पर सबसे ऊपर बनाए हुए है और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहा है।
सेवा क्षेत्र महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ बनकर उभरा है, जिसकी कुल सकल राज्य मूल्य वर्धित (GSVA) में हिस्सेदारी लगभग 60% है। वित्त वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र के 9% की प्रभावशाली दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें आईटी, वित्तीय सेवाएं और रियल एस्टेट जैसे उप-क्षेत्रों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। दूसरी ओर, विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्र ने भी अपनी धाक जमाई है। देश के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का लगभग 39% अकेले महाराष्ट्र में आ रहा है। ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में 5.7% की विकास दर ने राज्य को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर दिया है।
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राज्य में चल रहे विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे समृद्धि महामार्ग, कोस्टल रोड और 337 किमी लंबे मेट्रो नेटवर्क के विस्तार ने निर्माण क्षेत्र में नई जान फूँक दी है। इसे देवेंद्र फडणवीस ने ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए समृद्धि’ का नाम दिया है, जिससे स्टील और सीमेंट उद्योगों को भी भारी मांग मिल रही है। वहीं, प्रतिकूल मौसम की चुनौतियों के बावजूद कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 3.4% की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने ‘एआई नीति’ और ‘महाविस्तार ऐप’ जैसे आधुनिक समाधानों के जरिए खेती को तकनीक से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है, जिससे डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को भी नया प्रोत्साहन मिला है।
महाराष्ट्र अब उभरती तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश का निर्विवाद नेता बनकर उभरा है। राज्य में देश के कुल स्टार्टअप्स का 20% और यूनिकॉर्न्स का 25% हिस्सा मौजूद है, जो यहां के उद्यमिता अनुकूल वातावरण को दर्शाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर्स में ₹1 लाख करोड़ के निवेश ने राज्य को भविष्य के लिए तैयार कर दिया है। फडणवीस ने इन क्षेत्रों को ‘भविष्य की संजीवनी’ बताते हुए कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य का कार्यबल अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह डिजिटल क्रांति महाराष्ट्र को आर्थिक उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।