दिशा सालियन मौत मामला: पिता ने हाई कोर्ट में CBI जांच की मांग, सुनवाई में लगातार देरी
Disha Salian की 2020 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में उनके पिता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की है। सुनवाई में देरी और न्यायाधीशों के अलग होने से मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
दिशा सालियन मौत (सौ. डिजाइन फोटो )
Disha Salian Death Case: दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन की 2020 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में उनके पिता सतीश सालियन ने न्याय की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
उन्होंने याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच और कथित अपराध के संबंध में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच अब तक नहीं हो सकी है।
साजिश और मामले को दबाने के आरोप
सतीश सालियन ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनकी बेटी की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी हिंसा का परिणाम हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश की गई। इसी कारण उन्होंने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई है।
सम्बंधित ख़बरें
मध्य रेल के दो एथलीट कॉमन वेल्थ 2026 में खेलेंगे तेजस शिर्से और समरदीप गिल, भारतीय टीम में हुआ सलेक्शन
पेपर लीक सरकार वीक! NEET के बाद TET पेपर लीक पर बरसे अबू आजमी, पूछा- कब बंद होगा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़?
महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर लगेगी लगाम, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा, सरकार तैयार कर रही नई कानून-व्यवस्था
एसटी घाटे में रही तो जाएगी नौकरी! परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का कामचोर अधिकारियों को अल्टीमेटम
2020 में हुई थी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
दिशा सालियन की 8 जून 2020 को मालाड स्थित एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। हालांकि, परिवार लगातार इस मामले में गहन जांच और न्याय की मांग करता रहा है।
ये भी पढ़ें :- चेंबूर में बिल्डर के ऑफिस में तोड़फोड़, जातिवादी टिप्पणी के आरोप पर Vanchit Bahujan Aghadi का प्रदर्शन
सुनवाई में देरी और न्यायाधीशों का अलग होना
मामले की सुनवाई फिलहाल लंबित है। हाल ही में न्यायमूर्ति संदेश पाटिल ने पूर्व में सीबीआई के लिए विशेष लोक अभियोजक रहने के कारण खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। इससे पहले न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे भी न्यायिक कार्यभार के कारण मामले से अलग हो चुकी हैं। लगातार हो रही देरी के चलते परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
