गर्मियों में मतदाता सूची SIR प्रक्रिया टालने की मांग, BMC आयुक्त ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
BMC Ashwini Bhide: अश्विनी भिड़े ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि महाराष्ट्र में Voters List की SIR प्रक्रिया गर्मियों में शुरू न की जाए, क्योंकि ज्यादातर लोग छुट्टियों में शहर से बाहर रहते हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र वोटर लिस्ट एसआईआर (सौ. सोशल मीडिया )
BMC Ashwini Bhide Voter List SIR Process: बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया गर्मी के महीनों में शुरू न की जाए, क्योंकि इस दौरान बड़ी संख्या में मुंबईकर छुट्टियों के लिए शहर से बाहर रहते हैं।
यह कदम राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद उठाया गया है। अश्विनी भिड़े ने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक में जो मांगें सामने आईं, उन्हें आयोग तक पहुंचा दिया गया है।
मुश्किल हो जाएगा एसआईआर कराना
अधिकारियों ने यह भी बताया कि राज्य में चल रहे जनगणना कार्य के कारण फिलहाल एसआईआर प्रक्रिया कराना मुश्किल होगा, क्योंकि दोनों कार्यों में एक ही कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी। जनगणना के पहले चरण के तहत घरों की सूची तैयार करने का कार्य 16 जून तक चलेगा।
सम्बंधित ख़बरें
सेंट्रल रेलवे के नए सेफ्टी नियमों पर विवाद, लोकल सेवाएं प्रभावित, यात्री परेशान
‘राइट डॉक्टर, राइट पोस्ट’ नीति लागू, जिला और ग्रामीण अस्पतालों में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
खुले और क्षतिग्रस्त मैनहोल से बढ़ा खतरा, ‘मुंबई मार्च’ ने BMC से मांगा तत्काल हस्तक्षेप
मानसून से पहले मीरा-भाईंदर मनपा अलर्ट, 25 मई तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश
वर्तमान में राज्य में प्री-एसआईआर मैपिंग का काम जारी है, जिसमें मौजूदा मतदाता सूची के नामों का वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मिलान किया जा रहा है। हालांकि, राज्य निर्वाचन कार्यालय को अब तक एसआईआर लागू करने के संबंध में कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
ये भी पढ़ें :- सेंट्रल रेलवे के नए सेफ्टी नियमों पर विवाद, लोकल सेवाएं प्रभावित, यात्री परेशान
6 चरणों में लागू होगा एसआईआर कार्यक्रम
उन्होंने यह भी कहा कि अगले दो वर्षों तक कोई चुनाव निर्धारित नहीं है, इसलिए एसआईआर को जल्दबाजी में कराने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले नवंबर 2025 में महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस। चोक्कालिंगम ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की थी। पत्र में उल्लेख किया गया था कि वर्ष 2002 में यह प्रक्रिया पूरी होने में 13 महीने लगे थे। एसआईआर कार्यक्रम छह चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमे प्री-रिवीजन मैपिंग, गणना, एएएसडी सूची (पहले से पंजीकृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची) तैयार करना, प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित करना, दावे और आपत्तियां लेना तथा अंतिम सूची प्रकाशित करना शामिल है।
