
मुंब्रा ट्रेन हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
CSMT Train Accident: गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) यूनिट की जांच और कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले एफआईआर दर्ज करने में पांच दिन लग गए और अब, आरोपियों से पूछताछ करने तथा नोटिस न देने में 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है।इससे पहले भी जीआरपी ने दो रेलवे इंजीनियरों डोलस और यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। लेकिन गिरफ्तारी में सुस्ती दिखाई, जिसके कारण उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था।
कोर्ट ने हालांकि उन्हें जमानत नहीं दी, पर दोनों अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अब सवाल यह है कि क्या जीआरपी इन दोनों नए आरोपियों दुबे और सिस्रोदिया को भी अदालत से राहत पाने का मौका दे रही है? हालांकि जीआरपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, और उन्हें जल्द नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
बता दें कि 9 जून, 2025 को मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास क्रॉसिंग के दौरान दो लोकल ट्रेनें यात्रियों के फंसने से आपस में टकराई थी। इस हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए थे।
जीआरपी ने सहायक मंडल इंजीनियर विशाल डोलस और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी को रद करने की मांग को लेकर 6 नवंबर को सीएसएमटी में सेंट्रल रेलवे मजदूर संगठन के पदाधिकारी एस। के दुबे और विवेक सिसोदिया ने 30-40 अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ धरना दिया था।
उन्होंने मोटर-मैन लॉबी, उप स्टेशन प्रबंधक कार्यालय और स्टेशन प्रबंधक कार्यालय के प्रवेश द्वारों पर बैठकर मुख्य द्वारों पर लोहे की सताखे लगाकर प्रवेश एवं निकास बंद कर दिया, वहां उन्होंने गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा की थी।
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इस प्रदर्शन के कारण एक घंटे तक ट्रेनें रुकी रहीं और आवागमन बाधित रहा, जिससे यात्री घबरा गए थे। कई यात्री अन्य ट्रेनें लेने के लिए रुकी हुई ट्रेनों से उतरकर पटरियों पर चले गए और सैंडहार्ट रोड पर एक डाउन ट्रेन की चपेट में आ गए।






