आजाद मैदान में उपोषण के दौरान परिवार में मातम, धनगर आरक्षण मुद्दा हो सकता है उग्र
Azad Maidan Hunger Strike: मुंबई के आजाद मैदान में चल रहे धनगर आरक्षण आंदोलन के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। आंदोलनकारी दीपक बोहर्हाडे के ससुर ने जालना में आत्महत्या कर ली।
- Written By: अपूर्वा नायक
दिपक बोऱ्हाडे (सौ. सोशल मीडिया )
Dhangar Reservation Protest Suicide: मुंबई में धनगर समाज के आरक्षण आंदोलन के बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। आजाद मैदान में पिछले 10 दिनों से उपोषण कर रहे दीपक बोऱ्हाडे के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, जब उनके ससुर रामराव होलकर ने आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार, 78 वर्षीय रामराव होलकर ने जालना स्थित बोऱ्हाडे के घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से परिवार और रिश्तेदारों में गहरा दुख व्याप्त है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है, जिससे कई तरह की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।
आरक्षण आंदोलन के कारण बढ़ी संवेदनशीलता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब धनगर समाज एसटी वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत है। दीपक बोहर्हाडे और अन्य समाज के नेता लगातार इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हैं और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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उग्र हो सकता है आंदोलन
राज्य में पहले से ही मराठा आरक्षण को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। ऐसे में इस घटना के बाद धनगर आरक्षण का मुद्दा और अधिक संवेदनशील और उग्र होने की आशंका जताई जा रही है। आंदोलनकारियों के बीच भावनात्मक माहौल बनने से आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं।
समाज के अन्य नेताओं की सक्रियता
धनगर समाज के नेता लक्ष्मण हाके भी इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर सरकार से ठोस निर्णय लेने की अपील की जा रही है।
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प्रशासन की नजर स्थिति पर
घटना के बाद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाती है और आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।
