

Devendra Fadnavis Infrastructure War Room: महाराष्ट्र को आर्थिक रूप से अधिक समृद्ध और कनेक्टेड बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई मेगा प्रोजेक्ट्स चलाए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और ठेकेदारों की सुस्ती के कारण कई योजनाएं समय सीमा से पीछे चल रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'सह्याद्री' गेस्ट हाउस में मैराथन बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि कोई भी लंबित मुद्दा अगली बैठक के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उनका मौके पर ही निपटारा किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब से उन ठेकेदारों को नए प्रोजेक्ट्स के टेंडर बिल्कुल नहीं दिए जाएंगे जिन्होंने पिछली परियोजनाओं में बिना किसी ठोस वजह के अनावश्यक रूप से समय गंवाया हो।
इन्फ्रास्ट्रक्चर वॉर रूम की इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने मुंबई की सबसे महत्वाकांक्षी धारावी पुनर्विकास परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने धारावी की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था और वहां के स्थानीय सूक्ष्म उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए राज्य जीएसटी (GST) में विशेष छूट प्रदान करने की योजना पर तत्काल काम करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, एन. एम. जोशी मार्ग, नाइगांव और वर्ली में स्थित बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि पात्र निवासियों को किराए का भुगतान करने के तुरंत बाद मौजूदा पुराने घरों का कब्जा लिया जाए और वास्तविक निर्माण कार्य को तेज किया जाए।
मुंबई और उसके सैटेलाइट शहरों में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए ठाणे से बोरीवली तक बनने वाली दोहरी सुरंग (ट्विन टनल) की महत्वपूर्ण परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सह्याद्री गेस्ट हाउस में इस परियोजना को हर हाल में जनवरी 2029 तक पूरा करने की समय सीमा तय की है। इसके अतिरिक्त, बांद्रा से वर्सोवा सी लिंक परियोजना के निर्माण कार्य में गति लाने के निर्देश देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन सभी निर्माण स्थलों पर आवश्यक ईंधन और कच्चे माल की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के निर्बाध रूप से जारी रहे।
एमएमआर क्षेत्र के विकास के लिए गेम-चेंजर माने जा रहे विरार से अलीबाग तक के मल्टी-मॉडल कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का हुक्म दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस कॉरिडोर के निर्माण के कारण आसपास की जमीनों के मूल्यों में होने वाली भारी वृद्धि से वित्तीय लाभ प्राप्त करने के लिए एक उचित योजना तंत्र तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बड़े कॉरिडोर के दोनों किनारों पर बड़े निवेशकों की भागीदारी के साथ औद्योगिक विकास के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों (प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों) की पहचान करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है ताकि राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।