सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करें… सीएम देवेंद्र फडणवीस का जलसंपदा विभाग को कड़ा निर्देश
Devendra Fadnavis on Irrigation Projects: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जलसंपदा विभाग की बैठक में सिंचाई परियोजनाओं को पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis Orders To Complete Irrigation Projects: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर धन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने जलसंपदा विभाग को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके। यह निर्देश जलसंपदा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए गए।
बैठक में नारपार-गिरणा, दमणगंगा-एकदरे-गोदावरी, दमणगंगा-वैतरणा-गोदावरी, कोंकण उल्हास-वैतरणा तथा गोदावरी बेसिन की नदी जोड़ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, नदी जोड़ परियोजनाओं और ‘बलिराजा (किसान) जलसंजीवनी योजना’ से राज्य की सिंचाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
20 परियोजनाएं पूरी, 4।30 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत राज्य में 20 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 7 परियोजनाओं पर काम जारी है। मार्च 2026 तक 4.30 लाख हेक्टेयर, यानी 74 प्रतिशत सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है। योजना के तहत 29 बड़े और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की कुल लागत 24,721 करोड़ रुपए है, जिसमें केंद्र सरकार का 4,288 करोड़ रुपए का सहयोग शामिल है। योजना का लक्ष्य 5.79 लाख हेक्टेयर अंतिम सिंचाई क्षमता विकसित करना है। इसके अलावा ‘बलिराजा (किसान) जलसंजीवनी योजना’ के तहत भी बड़े, मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
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लागत में बढ़ोतरी बर्दाश्त नहीं, तय हो जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि लेटलतीफी के कारण लागत में होने वाली बढ़ोतरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि सूखाग्रस्त और जरूरतमंद क्षेत्रों के किसानों तक पानी समय पर पहुंच सके और राज्य की कृषि उत्पादकता में तेजी से सुधार हो।
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समयबद्धता और विकास पर सरकार का अंतिम फोकस
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह कड़ा रुख साफ करता है कि राज्य सरकार अब सिंचाई परियोजनाओं को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना न केवल महाराष्ट्र के कृषि संकट को दूर करेगा, बल्कि मार्च 2026 तक हासिल किए गए 74 प्रतिशत के लक्ष्य को 100 प्रतिशत तक पहुंचाने में भी मदद करेगा। अब देखना यह होगा कि जलसंपदा विभाग मुख्यमंत्री के इन सख्त निर्देशों को धरातल पर कितनी तेजी से लागू करता है।
