

Nagpur Vidarbha Investment Summit Projects: नागपुर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में बड़े औद्योगिक निवेश को बल मिला है। खासकर औद्योगिक बैकलाग से जूझ रहे विदर्भ के कई जिलों में भी बड़े औद्योगिक इकाइयों को लाने में उन्हें खासी सफलता मिली है। गड़चिरोली से लेकर गोंदिया, भंडारा, अमरावती, चंद्रपुर तक में बड़े निवेश आकर्षित किए गए, कई इकाइयां शुरू हो चुकी हैं तो कुछ के काम आरंभ हुए हैं।
जमीन आवंटन का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच एक और अच्छी खबर यह है कि छोटी-छोटी और मझौले इकाइयों का आना भी शुरू हो चुका है। जिला इंवेस्टमेंट समिट में किए गए करार अब हकीकत बनते दिख रहे हैं। संयुक्त निदेशक उद्योग (जेडीआई) की पहल पर इन उद्योगों को लाने में सफलता मिली है।
इससे रोजगार, निवेश और इकाइयों की संख्या बढ़ाने में अच्छी खासी मदद मिल रही है। जिला इंवेस्टमेंट समिट का आयोजन 2 वर्षों से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों का आंकड़ा देखें तो नागपुर संभाग में ही 534 औद्योगिक समूहों ने 43,806 करोड़ निवेश के लिए करार किए हैं। इससे 56,109 रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।
मुद्दमवार ने बताया कि दोनों वर्ष में हुए करार के बाद 407 यूनिट में काम शुरू हो चुका है और इसमें 9,155 करोड़ रुपये का निवेश आया है। इस निवेश से लगभग 15,638 लोगों को रोजगार भी प्राप्त हुआ है। अच्छी बात यह है कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं जिसके कारण निवेशकों को कोई तकलीफ नहीं हो रही है। राज्य सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं।
6 संयुक्त निदेशवा उद्योग शिवकुमार मुद्दमवार ने कहा कि छोटी और मंझोले उद्योग संचालकों से निरंतर संपर्क बनाये हुए रखा गया है जिसका फल भी देखने को मिल रहा है।
2024 में पहली बार समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें 158 उद्यमियों ने करार किए थे, लेकिन 2025 में यह संख्या बढ़कर 376 तक पहुंच गई। प्रस्तावित निवेश भी 17,00 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,905 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, यह दर्शाता कि कि निवेशकों की रुचि नागपुर संभाग में बनी हुई है।
| जिला | प्रस्तावित निवेश (₹ करोड़) | इकाइयां | रोजगार | वास्तविक निवेश (₹ करोड़) | इकाइयां | रोजगार |
|---|---|---|---|---|---|---|
| नागपुर | 4,680 | 42 | 6,003 | 2,082 | 35 | 2,513 |
| वर्धा | 3,034 | 38 | 7,397 | 2,255 | 27 | 4,698 |
| चंद्रपुर | 9,516 | 14 | 10,672 | 56.77 | 1 | 30 |
| भंडारा | 193 | 11 | 1,007 | 91.42 | 9 | 242 |
| गोंदिया | 366 | 8 | 285 | 293 | 7 | 212 |
| गड़चिरोली | 109 | 45 | 1,366 | 87.45 | 32 | 785 |
| कुल | 17,900 | 158 | 26,730 | 4,867 | 111 | 8,484 |
| जिला | प्रस्तावित निवेश (₹ करोड़) | इकाइयां | रोजगार | वास्तविक निवेश (₹ करोड़) | इकाइयां | रोजगार |
|---|---|---|---|---|---|---|
| नागपुर | 6,135 | 157 | 7,317 | 2,532 | 142 | 3,299 |
| वर्धा | 1,247 | 45 | 3,314 | 292 | 30 | 579 |
| चंद्रपुर | 17,431 | 12 | 14,100 | 802 | 3 | 1,170 |
| भंडारा | 470 | 43 | 1,138 | 345 | 34 | 809 |
| गोंदिया | 439 | 58 | 2,064 | 225 | 38 | 606 |
| गड़चिरोली | 180 | 61 | 1,446 | 91.11 | 49 | 695 |
| कुल | 25,905 | 376 | 29,379 | 4,288 | 296 | 7,158 |
ऐसा भी देखा गया है कि करार करने के बाद कंपनियां गायब भी हो जाती हैं। खासकर छोटे जिलों में ऐसा ट्रेंड काफी देखने को मिल रहा है। चंद्रपुर में भी कमोबेश यही ट्रेंड है। बड़े-बड़े निवेश करने के बाद कंपनियां का अता-पता नहीं चलता। उद्योग विभाग को ऐसी कंपनियों को वापस लाने और निवेश कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।