महाराष्ट्र में मंत्रियों के 'हवाई सफर पर ब्रेक'; सीएम फडणवीस की अनुमति के बिना नहीं उड़ेगा विमान

Devendra Fadnavis Government Austerity Measures: सीएम देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला। मंत्रियों के हवाई सफर पर रोक, ऑनलाइन बैठकों और EV के उपयोग के कड़े निर्देश।
Devendra Fadnavis On Ministers Flight Restrictions
पीएम मोदी की अपील का असर: फडणवीस सरकार ने सरकारी खर्च में की कटौती (डिजाइन फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Devendra Fadnavis On Ministers Flight Restrictions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देश के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए की गई बचत की अपील का महाराष्ट्र में जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों के हवाई दौरों पर अंकुश लगा दिया है। भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही हवाई यात्रा की जाए, वह भी मुख्यमंत्री की अनुमति मिलने के बाद। बावनकुले ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि वे साल में केवल कुछ ही बार हवाई यात्रा करते हैं और अब ज्यादातर आधिकारिक समस्याओं का समाधान ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से ही निकाल रहे हैं।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इन निर्देशों का असर विभिन्न विभागों में दिखने लगा है। मत्स्य विकास एवं बंदरगाह विभाग के मंत्री नितेश राणे ने अपने विभाग के अधिकारियों को कड़े आदेश जारी किए हैं। अब इस विभाग की सभी समीक्षा बैठकें केवल ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी, जिससे यात्रा व्यय और समय दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, ईंधन की खपत कम करने के लिए अधिकारियों को अब सरकारी कामकाज के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

डॉलर भंडार को बचाने की कवायद

इन कड़े नियमों के पीछे का मुख्य कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता दबाव है। जब भी देश तेल, गैस, उर्वरक या सोने का आयात करता है, तो उसका भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। वैश्विक संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण भारत को अधिक डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील और राज्य सरकार की यह सक्रियता सीधे तौर पर डॉलर की बचत करने और भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने की एक बड़ी कोशिश है।

सरकारी कार्यप्रणाली में बदलाव

राज्य सरकार का मानना है कि यदि मंत्री और उच्च अधिकारी स्वयं मितव्ययिता का उदाहरण पेश करेंगे, तो जनता भी इसका अनुसरण करेगी। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ ऑनलाइन संवाद स्थापित करने से प्रशासनिक खर्च में भारी कमी आएगी। यह कदम केवल तात्कालिक नहीं है, बल्कि भविष्य के आर्थिक झटकों से बचने के लिए एक 'एहतियाती उपाय' के रूप में देखा जा रहा है।

जनता से भी सहयोग की उम्मीद

सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकारी स्तर पर कटौती पर्याप्त नहीं है। जनता से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से सोने की खरीद न करें, ईंधन का संभलकर उपयोग करें और विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टाल दें। प्राकृतिक खेती अपनाने और स्थानीय उत्पादों का उपयोग करने से न केवल डॉलर की बचत होगी, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। महाराष्ट्र सरकार के ये कदम दर्शाते हैं कि राज्य नेतृत्व राष्ट्रीय आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com