

CM Devendra Fadnavis Suggestion On Rape Accused Parole: पुणे जिले के नसरापुर में साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की दिल दहला देने वाली घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुझाव दिए कि लैंगिक शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए अपराधियों को पैरोल नहीं दी जानी चाहिए।
मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधि एवं न्याय विभाग को इस संबंध में नया कानून तैयार करने के सूझाव दिए। सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में बड़ी संख्या में आरोपी पैरोल पर बाहर आने के बाद फिर उसी तरह के अपराधों में शामिल पाए जाते हैं, इसलिए कानून को और सख्त बनाना जरूरी है।
सीएम फडणवीस ने बैठक में कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल (2014 से 2019) के दौरान भी ऐसे अपराधियों को पैरोल न देने का कानून बनाया गया था, जो कुछ वर्षों तक लागू रहा। हालांकि बाद में अदालत ने उसे रद्द कर दिया था। अब सरकार फिर से उसी तरह का सख्त कानून लाने की तैयारी में है।
नसरापुर मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने पीड़िता के पिता से दो बार बात की है और भरोसा दिलाया है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार चार्जशीट समय पर दाखिल कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की दिशा में काम कर रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द मृत्युदंड की सजा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कानून के दायरे में रहकर ही न्याय मिलता है। भावनाएं चाहे कुछ भी हों, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही दोषी को ऐसी सजा दिलाई जाएगी कि भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे।
पुणे जिले के नसरापुर में छुट्टियां बिताने अपनी नानी के घर आई चार साल की बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान 1 मई को 65 वर्षीय आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गोठे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को गोबर के ढेर के नीचे छिपाकर फरार होने की कोशिश की। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे महाराष्ट्र में गुस्से की लहर है और आरोपी को फांसी देने की मांग तेज हो गई है।