दावोस में महाराष्ट्र की महा-छलांग: CM फडणवीस के नेतृत्व में आएगा भारी निवेश, रिलायंस जैसी कंपनियों पर नजर
CM Devendra Fadnavis दावोस में 17-24 जनवरी तक विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में महाराष्ट्र का नेतृत्व करेंगे, जहां राज्य के लिए अरबों रुपये के नए निवेश प्रस्ताव आने की संभावना है।
- Written By: आकाश मसने
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Davos World Economic Forum: महाराष्ट्र एक बार फिर वैश्विक निवेश के नक्शे पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 17 से 24 जनवरी के दौरान स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाली ‘विश्व आर्थिक मंच’ (WEF) की वार्षिक बैठक में राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
महाराष्ट्र सरकार ने स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली आगामी विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के लिए अपनी कमर कस ली है। इस वार्षिक बैठक को दुनिया भर में विश्वास-आधारित संवाद, नीतिगत विमर्श और सार्वजनिक चर्चा का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान राज्य की आर्थिक क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे ताकि वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के अनुसार, इस पूरे दौरे का खर्च ‘महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम’ (MIDC) द्वारा वहन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस साल भारत सरकार का ‘उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग’ (DPIIT) भी देश में निवेश बढ़ाने के लिए इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) को ‘इंडिया पवेलियन’ की गतिविधियों के समन्वय के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जहाँ महाराष्ट्र ने अपनी भागीदारी की पुष्टि करते हुए पहले ही स्लॉट बुक कर लिया है।
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हाई-प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल और सरकारी मंजूरी
मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व वाले इस दल में राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत, मुख्यमंत्री की अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भिडे और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इस यात्रा की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदेश मंत्रालय ने इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की स्विट्जरलैंड यात्रा को पहले ही मंजूरी दे दी है। सरकार ने निर्देश दिया है कि दावोस यात्रा के दौरान हुए निवेश समझौतों और परिणामों पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट प्रतिनिधिमंडल के लौटने के एक महीने के भीतर पेश करनी होगी।
रिलायंस का बड़ा दांव और पिछली सफलता का रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब फडणवीस दावोस में महाराष्ट्र का पक्ष रख रहे हैं। पिछली वार्षिक बैठक में उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र के लिए कुल 15.7 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्तावों की घोषणा की गई थी। इसमें सबसे प्रमुख रिलायंस समूह का प्रस्ताव था, जिसने अकेले 3.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया था।
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रिलायंस द्वारा प्रस्तावित यह निवेश केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पेट्रोकेमिकल, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen), डेटा सेंटर, बुनियादी ढांचा (Infrastructure) और रियल एस्टेट जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इस बार भी सरकार को उम्मीद है कि वैश्विक उद्योग जगत के साथ राज्य के संबंध और मजबूत होंगे तथा विकास की नई राहें खुलेंगी।
