विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Devendra Fadnavis Assembly Speech: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया है। विधानसभा में बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुए फडणवीस ने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र भारत का पहला ऐसा राज्य बनेगा जिसकी अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राज्य को सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना नहीं करना पड़ा, तो अगले 4-5 वर्षों (2029-30 तक) में यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंकड़ों के जरिए बताया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था कितनी विशाल है। उन्होंने कहा, “अगर महाराष्ट्र एक स्वतंत्र राष्ट्र होता, तो वह दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होता।” वर्तमान में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आकार ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से भी बड़ा है। फडणवीस ने लक्ष्य रखा है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र आर्थिक मोर्चे पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सिंगापुर जैसे संपन्न देशों को भी पीछे छोड़ देगा।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ‘A to Z’ योजना तैयार की है। फडणवीस ने बताया कि राज्य का विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्तमान में देश की जीडीपी में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 14.3% है। निर्यात और स्टार्टअप्स के मामले में महाराष्ट्र देश में नंबर वन है।
#LIVE | मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांचे अर्थसंकल्पावरील सर्वसाधारण चर्चेस विधानसभेत उत्तर@Dev_Fadnavis#Maharashtra #DevendraFadnavis #MahaBudget2026 https://t.co/G8mZnpECsk — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 11, 2026
सरकार का विशेष ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। 700 किलोमीटर लंबा नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग अब 16 जिलों को सीधे बंदरगाहों से जोड़ रहा है। साथ ही, दावोस में हुए करारों में से 75% से अधिक पर काम शुरू हो चुका है, जो राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश (FDI) ला रहा है।
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आर्थिक विकास के साथ-साथ फडणवीस ने सामाजिक कल्याण पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में 30 लाख लोगों को घर मंजूर किए गए हैं। इन घरों की खासियत यह होगी कि ये सभी रूफटॉप सोलर से लैस होंगे, जिससे बिजली का बिल शून्य हो जाएगा। कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है और किसानों को मुफ्त बिजली देने जैसी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है।