Tahawwur Rana के भारत पहुंचने से पहले ही शुरू हुई फांसी पर लटकाने की मांग, मुंबई से आयी पहली आवाज
मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण पर लाया जा रहा है। राणा के भारत पहुंचने से पहले ही उसे फांसी पर लटकाने की मांग शुरू हो गई है।
- Written By: आकाश मसने
सुभाष शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Tahawwur Rana News: मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण पर लाया जा रहा है। पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को आज किसी भी वक्त भारत लाया जा सकता है। राणा के भारत पहुंचने से पहले ही उसे फांसी पर लटकाने की मांग शुरू हो गई है। इसे लेकर मुंबई पुलिस के पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत बावधंकर की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं NIA को तहव्वुर राणा के सफल प्रत्यर्पण के लिए बधाई देना चाहूंगा।
इससे पहले शहीद एसआरपीएफ कॉन्स्टेबल राहुल शिंदे के पिता सुभाष शिंदे ने कहा कि सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देना आतंकवादी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों और नागरिकों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में शहीद हुए एसआरपीएफ कॉन्स्टेबल के पिता ने बुधवार को आरोपी तहव्वुर राणा के लिए मृत्युदंड की मांग की। शिंदे ने कहा कि 26/11 अटैक के हर आरोपी को कानून के मुताबिक मौत की सजा मिलनी चाहिए। यह सिर्फ मेरी ही नहीं, बल्कि पूरे देश की इच्छा है।
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सुभाष शिंदे बोले- हमले को लेकर आज भी मैं सिहर जाता हूं
सुभाष शिंदे ने कहा कि इस हमले में बहुत से लोग मारे गए थे और इसे सोचकर आज भी मैं सिहर जाता हूं, जबकि घटना को 16 साल से अधिक का समय हो चुका है। सुभाष ने कहा कि “आतंकवादी हमले में तहव्वुर राणा की भूमिका सामने आ चुकी है, इसलिए हमें उसे जेल में जिंदा रखकर नहीं छोड़ना चाहिए; उसे फांसी पर लटका देना चाहिए।”
VIDEO | On extradition of Mumbai terror attack case accused Tahawwur Hussain Rana to India from the US, ex-Mumbai Police Assistant Police Inspector Hemant Bawdhankar says, “First of all, I would like to congratulate the NIA for successful extradition (of Tahawwur Rana). However,… pic.twitter.com/4kPLpZPQXM — Press Trust of India (@PTI_News) April 10, 2025
मुंबई हमले में मारे गए थे 166 लोग
गौरतलब है कि साल 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में 6 अमेरिकियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे। इस हमले को 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। हमले के दौरान अजमल कसाब नाम के आतंकी को पुलिस ने जिंदा पकड़ लिया था।
कैसे पकड़ा गया था अजमल कसाब?
बता दें कि गिरगाव चौपाटी पर उस रात 16 पुलिसकर्मियों को लीड करते हुए API हेमंत बावधंकर ने बैरिकेटिंग की थी। तभी रात करीब 12.15 बजे कंट्रोल से कॉल आई कि आतंकी स्कोडा कार से गिरगांव चौपाटी की तरफ भाग रहे हैं। इसके बाद पुलिस को बैरिकेटिंग से करीब 50 मीटर की दूर एक कार खड़ी हुई दिखाई दी। जब बावधंकर ने उसे आगे आने के लिए कहा तो उसने अचानक गाड़ी स्टार्ट की और यू-टर्न लेकर भागने लगा, लेकिन गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई।
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इसके बाद तुरंत API बावधंकर और उसके सहयोगी से गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठे अबू इस्माइल के ऊपर कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें उसकी मौत हो गई, जबकि कसाब ने सेरेंडर होने का नाटक किया। इसके बाद PSI तुकाराम ओंबले और एक दूसरे अधिकारी कसाब की तरफ बढ़े ही थे कि उसने फायरिंग शुरू कर दी इसमें दोनों जख्मी हो गए। तब तक दूसरे कॉन्स्टेबल ने कसाब को दूसरी ओर से घेरकर रोड पर पटक दिया और इस तरह अजमल कसाब पकड़ा गया था।
