महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, क्लास-2 जमीन को क्लास-1 में बदलने के लिए 5 साल की शर्त खत्म
Maharashtra State Government ने क्लास-2 जमीन को क्लास-1 में बदलने के लिए 5 साल की अनिवार्य प्रतीक्षा शर्त समाप्त कर दी है। अब प्रिमियम भरकर तुरंत आवेदन किया जा सकेगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
क्लास 1 ओनरशिप रूल चेंज (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Class 2 Land Conversion: महाराष्ट्र में लाखों जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने क्लास-2 जमीनों (ऑक्युपेंसी क्लास-II) के नियमों में बहुत महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
अब इन जमीनों को पूर्ण मालिकी अधिकार (क्लास-1) में बदलने के लिए पहले जरूरी 5 साल की वेटिंग पीरियड की शर्त पूरी तरह से खत्म कर दी गई है।
पहले सरकारी नियमों के अनुसार, लीज पर या कुछ खास शर्तों पर मिली जमीनों का पूर्ण मालिकी अधिकार (क्लास-1) पाने के लिए कम से कम 5 साल इंतजार करना पड़ता था।
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इस लंबे वेटिंग के कारण कई विकास प्रोजेक्ट्स, व्यक्तिगत डील्स और रिडेवलपमेंट काम रुक जाते थे। लेकिन अब नया फैसला आने के बाद, जमीन मिलने के तुरंत बाद मालिक जरूरी फीस (प्रिमियम या नजराना) भरकर क्लास-1 में बदलाव के लिए अप्लाई कर सकता है। 5 साल रुकने की कोई जरूरत नहीं।
प्रिमियम प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं
5 साल की शर्त खत्म हुई है लेकिन सरकारी खजाने में जमा करने वाला प्रिमियम (नजराना) अभी भी भरना होगा। यह रेडी रेकनर के मौजूदा रेट के आधार पर 50% से 75% (कुछ मामलों में 5% से 20% तक, जगह और इस्तेमाल के हिसाब से) तक हो सकता है। प्रिमियम भरने के बाद ही 7/12 (सातबारा) में ‘क्लास-2’ की एंट्री हटाकर ‘क्लास-1’ (पूर्ण मालिकी) दर्ज की जाएगी।
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निर्णय के मुख्य लाभ
- देरी खत्म: अब जिलाधिकारी कार्यालय में सीधे अप्लाई करके प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, बिना 5 साल इंतजार के।
- रिडेवलपमेंट को स्पीड : मुंबई, पुणे जैसे शहरों में हाउसिंग सोसाइटीज, इंडस्ट्रयल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को बड़ा फायदा होगा।
- लोन और निवेश आसान: क्लास- 1 हो जाने से बैंक लोन लेना, जमीन बेचना या ट्रांसफर करना आसान हो जाएगा।
