खरात केस में नेताओं के नाम पर सियासत तेज, दीपक केसरकर बोले- मेरा कोई संबंध नहीं
Ashok Kharat Case में नेताओं के नाम सामने आने पर पूर्व मंत्री दीपक केसरकर ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका खरात से कोई संबंध नहीं है और गलत कार्य में शामिल लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
- Written By: अपूर्वा नायक
शिवसेना नेता दीपक केसरकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Deepak Kesarkar Reaction On Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं जिनमें कई मंत्रियों और नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
इस विवाद के बीच पूर्व मंत्री और विधायक दीपक केसरकर ने भी मौन तोड़ा है और मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की। रूपाली चाकणकर पर खरात को समर्थन देने का आरोप लगाया गया था।
वहीं केसरकर पर यह आरोप था कि उन्होंने ही एकनाथ शिंदे की मुलाकात खरात से कराई थी। इस पर केसरकर ने कहा कि मैंने कई लोगों से मुलाकात की। करीब 39 विधायक खरात से मुलाकात कर चुके हैं लेकिन केवल मेरा ही नाम क्यों आया? यह सवाल है। मैं उसके संपर्क में नहीं था। मेरी केवल ईशान्येश्वर मंदिर में पूजा हुई है। किसी के लिए मैंने कोई भी पूजा नहीं की।
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गलत कृत्य में शामिल नहीं
केसरकर ने आगे बताया कि शिर्डी जा रहे थे और रास्ते में शंकर मंदिर में जाना था, इसलिए ईशान्येश्वर मंदिर गए। वही उनकी पहचान खरात से हुई। उन्होंने साफ किया कि उनकी किसी गलत कृत्य में कोई भागीदारी नहीं है।
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अगर मैंने उसे बचाने के लिए कोई फोन किया हो तो मैं दोषी हो सकता हूं लेकिन अगर उसने कोई गलत कृत्य किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। पूर्व मंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री और कई मंत्री भी ईशान्येश्वर मंदिर आए थे। अगर उन्हें इस बारे में जानकारी होती तो वे भी वहां नहीं जाते। मेरे साथ किसी तरह का कोई संबंध नहीं था।
