ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 37,200 लोगों का बैंकिंग डेटा और 967 फर्जी APK फाइल बरामद
Mumbai Online Fraud: डीबी मार्ग पुलिस ने महानगर गैस के नाम से फर्जी APK फाइल भेजकर ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को झारखंड से गिरफ्तार किया। 37,200 लोगों का डेटा बरामद।
- Written By: रूपम सिंह
ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mumbai Online Fraud Mastermind Arrested: डी.बी. मार्ग पुलिस को ऑनलाइन ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी में अहम भूमिका निभाने वाले मास्टरमाइंड 26 वर्षीय छात्र एस।के। मॉडल को झारखंड और पश्चिम बंगाल में पीछा करके गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने इस गिरफ्तारी के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराध का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को एक शिकायत मिली थी कि कोई अनजान व्यक्ति ‘महानगर गैस लिमिटेड’ के नाम से फर्जी मैसेज भेज रहा था।
एपीके फाइल इंस्टॉल करने का दबाव
आरोपी लोगों को धोखाधड़ी वाली एपीके फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर कर रहा था। इस फाइल के जरिए मोबाइल बैंकिग की गोपनीय जानकारी चुराई गई और वित्तीय धोखाधड़ी हुई, गिरफ्तार आरोपी के पास से डेबिट कार्ड, 967 एपीके फाइल और 37,200 लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी वाला डेटाबेस बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी ने अपने साथियों को कुल 91 धोखाधड़ी वाली एपीके फाइल बेची थीं और 5912 लोगों से ठगी की गई थी।
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हजारों लोगों का गोपनीय डेटा बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 967 फर्जी APK फाइलें, एक डेबिट कार्ड और 37,200 लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी वाला डेटाबेस बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह डेटा साइबर अपराध में इस्तेमाल किया जा रहा था और इसकी मदद से वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।
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5,912 लोगों को बनाया गया शिकार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने अपने साथियों को 91 फर्जी APK फाइलें उपलब्ध कराई थीं। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से 5,912 लोगों के साथ कथित रूप से ऑनलाइन ठगी की गई। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य साथियों, वित्तीय लेनदेन और पूरे साइबर नेटवर्क की जांच कर रही है।
सावधानी बरतने की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें। किसी संस्था के नाम से आए संदेश की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करें और मोबाइल में केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें। इससे साइबर ठगी से बचाव संभव है।
