BMC-बिल्डर मिलीभगत का आरोप, पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी बने रहवासियों की आवाज
Dahisar के शुक्ला कंपाउंड में बीएमसी द्वारा कथित अवैध तोड़क कार्रवाई के बाद मामला विधानसभा तक पहुंच गया।विधायकों ने एसआईटी जांच की मांग की, जबकि गोपाल शेट्टी के प्रयासों से प्रभावितों में उम्मीद बढ़ी।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mumbai News In Hindi: शुक्ला कंपाउंड के लंबे समय से चल रहे विवाद ने एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। नागपुर में चल रहे शीतकालीन सत्र में मुद्दा उठाए जाने के बाद यहां के सैकड़ों प्रभावित लोगों में न्याय की उम्मीद और मजबूत हो गई है।
इसके लिए लोगों ने जश्न मनया। यहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि 40 वर्षों से अधिक समय से बने कमर्शियल गालों और रहिवासी घरों को बीएमसी द्वारा अचानक तोड़ दिया गया, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर और व्यापार हीन हो गए।
शुक्ला कंपाउंड एक प्राइवेट प्लॉट है। लोगों का आरोप है कि बीएमसी और बिल्डर की मिलीभगत से ‘कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट’ के नाम पर कार्रवाई की गई। स्थानीय लोगों से 1967 के पहले का दस्तावेज मांगा गया, जिसे देना अधिकतर परिवारों के लिए संभव नहीं था।
सम्बंधित ख़बरें
सलीम डोला का होगा मुंबई क्राइम ब्रांच से सामना; सांगली, मैसूर और तेलंगाना ड्रग्स फैक्ट्री कांड में होगी पूछताछ
ममता बनर्जी का किला ढहने को तैयार! संजय निरुपम बोले बंगाल की महिलाओं ने BJP को चुना, उद्धव ठाकरे पर भी कसा तंज
‘विधायकी के लिए पार्टी बेचने वाला नालायक नहीं हूं’, शिवसेना में विलय की खबरों पर बच्चू कडू का करारा जवाब
जलगांव में मातम: दुल्हन की मेहंदी सूखने से पहले ही उजड़ गया संसार, भीषण सड़क हादसे में 3 की मौत
दस्तावेज न देने पर लोगों के कमर्शियल गाले और घर डहा दिए गए, जबकि कई परिवार यहां पीढ़ियों से बसे हैं। ऐसी स्थिति में पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी लोगों की सहायता के लिए आगे आए। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को लिखित ज्ञापन सौंपकर मामले की गंभीरता बताई। बाद में स्थानीय विधायक प्रकाश सुर्वे, मनीषा चौधरी, भास्कर जाधव और सुनिल प्रभू भी इस न्याय की लड़ाई को विधानसभा में गति देते नजर आए।
बिल्डर ने तैनात किए हैं निजी बाउंसर
- मनीषा चौधरी ने शुक्ला कंपाउंड मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की।
- भास्कर जाधव ने 1967 के प्रूफ की मांग को अनुचित बताते हुए इसे मुख्य मुद्दा बताया।
- प्रकाश सुर्वे ने बिल्डर द्वारा प्राइवेट बाउंसर तैनात कर स्थानीय लोगों में भय और दबाव बनाने के आरोपों को विधानसभा में उजागर किया। मामले की निष्पक्ष जांच और रहवासियों को न्याय दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नागरिकों ने पूर्व सांसद शेट्टी का जताया आभार
यह खबर मिलते ही शुक्ला कंपाउंड में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया, एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी, विधायक प्रकाश सुर्वे और मनीषा चौधरी का आभार व्यक्त किया।
मौके पर उपस्थिति गोपाल शेट्टी ने कहा की शेट्टी ने कहा मुझे पूरा विश्वास है की एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद कई अधिकारियों की पोल खुलेगी, उनका भ्रष्टाचार सामने आएगा। मैंने कल भी कहा था कि मैं लोगों को उनके हक्क का पक्का घर दिलाऊंगा आज भी वहीं कहता हूं। मैं विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मनीषा चौधरी, प्रकाश सुर्वे, भास्कर जाधव और सुनिल प्रभू का आभार मानता हूं।
ये भी पढ़ें :- Mumbai: बीएमसी स्कूल में गलत भर्ती का मामला सदन में गरमाया, लोढ़ा ने साधा निशाना
रहवासियों का कहना है
- गोपाल शेट्टी ने हमारी लड़ाई को गति दी। उनके प्रयासों के बाद विधायकों ने इस मुद्दे को विधानसभा में बड़ी ताकत से उठाया। अब हमें यकीन है कि हमें न्याय मिलेगा और हमारी खोई हुई छत और व्यापार वापस मिलेंगे।
- शिवदयाल मिश्रा ने शेट्टी को टाइगर की बताते हुए कहा पद हो या ना हो गरीबों की लड़ाई लड़ने के लिए टाईगर हमेशा तैयार रहता है। शेट्टी द्वारा शुक्ला कंपाउंड का उठाया गया मुद्दा अब नेताओं ने भी उठाया। यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई अधिकारियों को घर बैठना पड़ेगा।
- शुक्ला कंपाउंड का मामला अब सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यपद्धति और आम नागरिकों के हक की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। आने वाले 60 दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई है। इस मौके पर शिवसेना नेता राज प्रकाश सुर्वे, पूर्व नगरसेवक प्रकाश दरेकर, पूर्व नगरसेविका संजना घाड़ी, पूर्व नगरसेवक संजय घाडी, शिव दयाल मिश्रा व सैकड़ों शुक्ला कंपाउंड के रहिवासी उपस्थित रहे।
