साइबर ठगों का बड़ा कारनामा, बिना OTP पुलिस कांस्टेबल के खाते से उड़ाए 1.30 लाख, खरीदे दो मोबाइल
Mumbai News: अंधेरी में साइबर ठगों ने पुलिस कांस्टेबल के खाते से बिना OTP साझा किए 1.30 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद आरोपियों ने फ्लिपकार्ट से दो मोबाइल खरीद लिए।
- Written By: सोनाली चावरे
बिना OTP पुलिस कांस्टेबल से ठगी (pic credit; social media)
Cyber Crime in Mumbai: अंधेरी से एक चौंकाने वाली साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक पुलिस कांस्टेबल के बैंक खाते से बिना ओटीपी साझा किए ही 1 लाख 30 हजार रुपए उड़ा लिए। आरोपी ने इस रकम से फ्लिपकार्ट के जरिए दो महंगे मोबाइल फोन, एक ओप्पो और एक एप्पल आईफोन खरीदे। घटना के बाद वर्सोवा पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित की पहचान मुकेश यशवंत जाधव के रूप में हुई है, जो अंबरनाथ निवासी और वर्तमान में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में बतौर पुलिस कांस्टेबल कार्यरत हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार 5 अगस्त को ड्यूटी के दौरान जब जाधव अंधेरी के चार बंगला इलाके में गश्त कर रहे थे, तभी सुबह करीब 11.30 बजे उन्हें अपने बैंक से एक मैसेज मिला। मैसेज में दिखाया गया कि उनके खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुआ है।
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शुरुआत में जाधव को शक हुआ कि कहीं कोई तकनीकी गलती तो नहीं हुई। लेकिन बैंक जाकर जांच कराने पर खुलासा हुआ कि उनके खाते से 1 लाख 30 हजार 592 रुपए का लेन-देन हुआ है और इस रकम से फ्लिपकार्ट पर दो मोबाइल फोन ऑर्डर किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जाधव ने न तो अपने खाते की जानकारी साझा की थी और न ही किसी को ओटीपी दिया था। इसके बावजूद ठगों ने उनके खाते से बड़ी रकम निकाल ली।
इस घटना ने आम लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। क्योंकि अगर पुलिस कांस्टेबल का बैंक खाता हैक हो सकता है तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। शिकायत मिलने के बाद वर्सोवा पुलिस स्टेशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को जांच में लगाया है। फिलहाल अज्ञात साइबर ठग की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि वे अपने बैंक खातों की समय-समय पर जांच करते रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक व पुलिस को सूचना दें। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी कितने संगठित और चालाक हो चुके हैं और वे अब तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
