केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल के बयान पर विवाद (सौजन्य-सोशल मीडिया)
C.R. Patil Shivaji Maharaj Statement: केंद्र की मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने सूरत में पाटीदार समुदाय के एक प्रोग्राम में दावा किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज भी पाटीदार थे। उन्होंने कहा कि अगर पूरे देश को एक साथ लाने का क्रेडिट किसी को दिया जा सकता है, तो वह सरदार वल्लभभाई पटेल हैं। वह पाटीदार थे।
अगर कोई इस बात का ध्यान रखता है कि इतने बड़े समुदाय या गांव में कोई भूखा न रहे, तो वह पाटीदार समुदाय है। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि छत्रपति शिवाजी महाराज भी पाटीदार थे। पाटिल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र के 29 महानगर पालिकाओं के चुनाव के लिए प्रचार चरम पर है। ऐसे में उनके इस बयान पर बखेड़ा खड़ा हो गया है।
उद्धव ठाकरे की पार्टी के प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि यह बयान महाराष्ट्र और मराठी समुदाय का घोर अपमान है। छत्रपति शिवाजी महाराज किसी एक जाति या समुदाय के नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मराठी लोगों और हिंदवी स्वराज्य के भगवान है। भाजपा ने पहले भी अपनी राजनीतिक सुविधा के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर को एक तरह से किडनैप करने की कोशिश की थी।
हालांकि, वे इसमें नाकाम रहे, अब बीजेपी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को गुजरात में किडनैप करने की कोशिश की है। बीजेपी नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि महाराज ने सूरत को भी लूट लिया था। बीजेपी सरकार को सबसे पहले अरब सागर में शिव मेमोरियल का काम पूरा करना चाहिए फिर महाराज की बात करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें – मनपा चुनाव: फडणवीस के गढ़ में ‘अपनों’ की बगावत, भाजपा का टेंशन बढ़ा, कांग्रेस भी ‘पवार पावर’ से परेशान
केंद्रीय मंत्री पाटिल के बयान पर डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज भोसले मराठा वंश के सदस्य थे, यह सभी जानते हैं। ऐसे में उनकी जाति पर नए सिरे से विवाद खड़ा करना पूरी तरह से गलत है।
केंद्रीय मंत्री पाटिल के बयान को मराठा नेता मनोज जरांगे पाटिल भी भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह को तुरंत मंत्री पाटिल से अपने इस बयान को वापस लेने का निर्देश दिया जाना चाहिए। जरांगे ने कहा कि अगर इस बयान को वापस नहीं लिया जाता है तो पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।