

CPWD Engineer Arrested CBI Raid Mumbai: मुंबई के वडाला इलाके में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। CBI ने इस मामले में सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD), मुंबई के एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, उनके पुणे निवासी रिश्तेदार और मुंबई स्थित एक रियल एस्टेट समूह के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर 50 लाख रुपये की घूस राशि के साथ आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है। इसके बाद की गई छापेमारी में 53.87 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी तथा अचल संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
सीबीआई की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में 1 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज की गई थी। यह मामला सीपीडब्ल्यूडी मुंबई के आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, उनके पुणे निवासी रिश्तेदार, एक रियल एस्टेट समूह के उपाध्यक्ष तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
आरोप है कि मुंबई शहर के वडाला स्थित एक भूमि खंड पर यह रियल एस्टेट समूह एक निर्माण परियोजना शुरू करने की योजना बना रहा था। इस परियोजना के लिए उन्हें सीपीडब्ल्यूडी से एक एनओसी की जरूरत थी, जिसमें यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया जाना था कि उस भूमि पर सीपीडब्ल्यूडी का कोई दावा या अधिकार नहीं है। इस एनओसी को जारी करने के एवज में आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने अपने रिश्तेदार के माध्यम से 1 करोड़ रुपये की भारी रिश्वत की मांग रखी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और सौदेबाजी के जरिए रिश्वत की यह राशि 70 लाख रुपये तय की गई थी।
रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए सीबीआई की टीम ने 1 अक्टूबर 2026 को एक योजनाबद्ध जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के रिश्तेदार को उस समय रंगे हाथों पकड़ लिया, जब उसने रियल एस्टेट समूह के वाइस प्रेसिडेंट से एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की ओर से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये स्वीकार किए थे।
रिश्तेदार को घूस के इस पैसे के साथ गिरफ्तार करने के तुरंत बाद, सीबीआई ने नवी मुंबई के वाशी इलाके में घेराबंदी कर मुख्य आरोपी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को भी धर दबोचा, जहाँ वह अपने रिश्तेदार से रिश्वत का यह पैसा प्राप्त करने का इंतज़ार कर रहा था। इसके अलावा, घूस के इस अवैध लेनदेन के समय मौके पर मौजूद रियल एस्टेट समूह के एक मैनेजर और एनओसी मांगने वाली फर्म के एक पार्टनर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह मामले में शामिल सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और 50 लाख रुपये की पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों ने मुंबई, नवी मुंबई और पुणे में आरोपियों तथा उनके सहयोगियों के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी के दौरान सीबीआई को 50 लाख रुपये की रिश्वत राशि के अलावा 53.87 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। इसके साथ ही अचल संपत्तियों के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी सीबीआई ने जब्त किए हैं।
गिरफ्तार किए गए सभी पांचों आरोपियों को आज मुंबई स्थित सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जा रहा है। सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क और मनी ट्रेल की गहराई से जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।