Maharashtra News: जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव फिर टलने की आशंका, कोर्ट देगा बड़ा फैसला
Maharashtra Nikay Chunav: राज्य जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव फिर टल सकते हैं। 50% आरक्षण मर्यादा पर कोर्ट की सुनवाई शुक्रवार को निर्णय तय करेगी, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Maharashtra Local Body Election: राज्य जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को फिर से टलने की आशंका बढ़ गई है। 20 जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिए जाने के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर राज्य सरकार से न्यायालय ने जवाब मांगा है।
इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई और न्यायालय का निर्णय आगामी शुक्रवार को आने की संभावना है। कोर्ट का निर्णय चुनावों के भविष्य का मार्ग तय करेगा। राज्य की स्थानीय संस्थाएं लंबे समय से प्रशासक के भरोसे चल रहीं हैं।
इसलिए महापालिका, नगर परिषद और नगरपालिका समिति के चुनाव नहीं हुए हैं। सभी नगरपरिषद और नगर पंचायत चुनावों का चक्र ध्वस्त हो चुका है। अब जिला परिषद के मामले में भी यही स्थिति बन गई है।
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अनेक महत्वपूर्ण आरक्षणों की मर्यादा लांधी गई है। राजकीय आरक्षण की मर्यादा पर न्यायालय का निर्णय आने पर नए आरक्षण की घोषणा की जाएगी। चुनाव तक यह प्रक्रिया कुछ दिनों तक चलेगी और इसी कारण चुनावों में विलंब की संभावना बढ़ गई है।
थमी नहीं है चुनाव प्रक्रिया
राज्य में सभी नगर निगम, नगरपालिका चुनाव-प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कार्यक्रम की अनुच्छेद 239 के अनुसार घटना घट चुकी है। प्रक्रिया अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों पर असर नहीं पड़ता, केवल, जिला परिषद के आरक्षण पर सुनवाई होने के कारण राज्य चुनाव आयोग ने चुनावों का कार्यक्रम स्थगित किया है। न्यायालय का निर्णय आने पर आगे की दिशा स्पष्ट हो जाएगी। – प्रकाश शेंडे, ओबीसी मोर्चा
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न्यायालय के निर्णय के बाद ऐसे होंगे विकल्प
- सुको ने छह माह पहले दिए निर्णय में राज्य की सभी स्थानीय संस्थाओं के चुनाव 31 दिसंबर तक पूर्ण करने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने 27 सितंबर की तिथि पर 50% आरक्षण मर्यादा निर्धारित कर नियम जारी किया था।
- चुनावों को तुरंत आयोजित करने का आदेश दिया गया, उस पर चुनावों का भविष्य का अवलंब हो गया।
- 50% मर्यादा में चुनाव आयोजित करने को कहा गया, तो इससे प्रक्रिया कुछ महीनों तक लटकी रहेगी और चुनाव आगे धकेले जाने की संभावना है।
- 2022 पूर्व के आरक्षण स्थिरांकित कर चुनाव आयोजन करने को कोर्ट पूर्व में कह चुका है। इसलिए आगे क्या निर्णय होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
