गिरता रुपया और NEET पेपर लीक पर भड़के कांग्रेस के अतुल लोंढे, बोले- अब देश की इज्जत कम नहीं हो रही है क्या?
Atul Londhe Congress NEET Paper Leak Modi Government: अतुल लोंढे ने नीट पेपर लीक को 'सरकारी हत्या' बताया। धर्मेंद्र प्रधान को हटाने और रुपये की गिरावट पर पीएम मोदी को घेरा।
- Written By: अनिल सिंह
गिरती रुपये की कीमत पर अतुल लोंढे का पीएम से सवाल- अब देश की इज्जत कम नहीं हो रही क्या? (फोटो क्रेडिट-X)
Atul Londhe on NEET UG 2026 Student Suicide: मुंबई के तिलक भवन में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखे तीरों की बौछार की। लोंढे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने के लिए जनता से की जा रही ‘त्याग और मितव्ययिता’ की अपीलों को एक ढोंग बताया। उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण दूध, खाद्य तेल और रोजमर्रा के राशन की कीमतें आसमान छूने वाली हैं। सरकार इस महंगाई का ठीकरा ईरान और वैश्विक संघर्षों पर फोड़कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि यह संकट पिछले 144 महीनों के नकारात्मक व्यापार संतुलन का परिणाम है।
लोंढे ने भारत के गिरते विदेशी व्यापार और रुपये की बदहाली का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि चीन के साथ हमारा व्यापारिक घाटा 112 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। अमेरिका के साथ ‘एपस्टीन फाइल्स’ के बाद हुए नए समझौतों से भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। उन्होंने मनमोहन सिंह सरकार के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि तब कच्चा तेल 147 डॉलर प्रति बैरल होने पर भी पेट्रोल 72 रुपये लीटर था, और आज तेल 110 डॉलर प्रति बैरल होने पर भी पेट्रोल 100 रुपये के पार है। 35 लीटर पेट्रोल और 15 लीटर एथेनॉल-पेट्रोल देने का वादा करने वाले नितिन गडकरी और पीएम मोदी आज देश के पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारों पर पूरी तरह मौन हैं।
रूस-ईरान से सस्ते तेल का फायदा सिर्फ अंबानी को
विदेश नीति की विफलता को उजागर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भारत को रूस और ईरान से रुपये में सस्ता कच्चा तेल मिल रहा था, लेकिन अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेकते हुए सरकार ने वह तेल खरीदना बंद कर दिया। इसके अलावा, जो थोड़ा-बहुत सस्ता तेल रूस से आया भी, उसका सीधा वित्तीय लाभ मुकेश अंबानी की रिलायंस और नायरा कंपनी को पहुँचाया गया, आम जनता को 1 रुपये की भी राहत नहीं मिली। यूपीए के समय की 3 रुपये एक्साइज ड्यूटी को 33 रुपये तक बढ़ाकर जनता से लाखों करोड़ रुपये लूटे गए, जिसका नतीजा आज देश भुगत रहा है।
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धर्मेंद्र प्रधान और NTA महानिदेशक पर हो कार्रवाई
शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए अतुल लोंढे का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक ने देश के 23 लाख होनहार छात्रों के सपनों को कुचल दिया है। इस मानसिक तनाव के कारण देश में 4 छात्रों ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। लोंढे ने गरजते हुए कहा, “ये आत्महत्याएं नहीं हैं, यह सीधे तौर पर सरकार द्वारा की गई हत्याएं हैं।” उन्होंने सीबीआई (CBI) की अब तक की कार्रवाई को केवल एक ‘औपचारिकता और मामूली दिखावा’ बताया क्योंकि पेपर लीक के मुख्य जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए के महानिदेशक आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।
2014 के घोटाले की दिलाई याद
अतुल लोंढे ने याद दिलाया कि साल 2014 में भी इसी तरह नीट का पेपर लीक हुआ था और तब भी सीबीआई को जांच सौंपी गई थी, लेकिन आज तक उसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। ‘मेक इन इंडिया’ आणि ‘स्मार्ट सिटी’ जैसी बड़ी योजनाएं पूरी तरह धराशायी हो चुकी हैं और विदेशी निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा खींच रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा मंत्री को तुरंत पद से हटाकर एनटीए के शीर्ष अधिकारियों को जेल नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस छात्रों के न्याय के लिए संसद ठप कर देगी।
