

Manisha Waghmare NEET CBI Investigation: सीबीआई की विशेष जांच टीम के हाथ लगे ताजा दस्तावेजों ने नीट परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। जांच के अनुसार, पुणे से गिरफ्तार की गई कंसलटेंट मनीषा वाघमारे परीक्षा माफियाओं के एक बड़े संगठित गिरोह की सक्रिय सदस्य है। मनीषा ने परीक्षा से 8 दिन पहले, यानी 27 अप्रैल 2026 को ही कुछ भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों की मदद से नीट का प्रश्न पत्र और उसकी पूरी उत्तर कुंजी (Answer Key) अपने कब्जे में ले ली थी।
दस्तावेजों के मुताबिक, प्रश्न पत्र हाथ आते ही मनीषा ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर इसके खरीदार ढूंढने शुरू कर दिए। उसने अपने दोस्त धनंजय लोखंडे के माध्यम से नासिक में काउंसलिंग सेंटर चलाने वाले शुभम खैरनार से संपर्क साधा। इसके बाद भारी-भरकम रकम और रिश्वत के बदले कई चुनिंदा उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों को यह लीक सामग्री बेच दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई और स्थानीय पुलिस की टीम ने 13 मई की रात 8:30 बजे मनीषा वाघमारे के पुणे स्थित आवास पर छापा मारा था। यह तलाशी अभियान अगले दिन 14 मई की दोपहर 2:30 बजे तक, यानी करीब 18 घंटे तक लगातार चलता रहा। इस दौरान केंद्रीय एजेंसी को कई आपत्तिजनक डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड और संदिग्ध डायरियां मिली हैं, जिसके बाद मनीषा के खिलाफ आधिकारिक तौर पर केस दर्ज कर उसे रिमांड पर लिया गया।
सीबीआई ने कोर्ट को सौंपे दस्तावेजों में मनीषा वाघमारे पर असहयोग करने और सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परीक्षा संपन्न होने के ठीक बाद मनीषा ने लीक किए गए प्रश्न पत्रों की सभी मूल प्रतियां और मोबाइल चैट डिलीट कर दिए ताकि जांच एजेंसियां कड़ियों को न जोड़ सकें। इसके अलावा, वह उन छात्रों और उनके माता-पिता के नाम व पते छिपा रही है, जिन्होंने उससे यह लीक पेपर खरीदा था।
नीट पेपर लीक रैकेट का जाल महाराष्ट्र के कई शहरों में फैला हुआ है। पुणे और नासिक के बाद अब सीबीआई ने लातूर में भी अपना शिकंजा कस दिया है। लातूर के मशहूर आरसीसी (RCC) प्राइवेट कोचिंग क्लासेस के निदेशक शिवराज मोगाओकर को सीबीआई ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों को संदेह है कि मनीषा ने लीक किए गए सवालों के जवाब तैयार करवाने और उन्हें छात्रों तक बांटने के लिए इन बड़े कोचिंग सेंटरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया था।