Commercial LPG Price Hike Mumbai (फोटो क्रेडिट-X)
Commercial LPG Price Hike: भारत की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। आज, 1 अप्रैल 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 195.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण ईंधन की कीमतों में यह उछाल आया है।
मुंबई में अब कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमत 2,031.00 रुपये हो गई है, जो कल तक 1,835.50 रुपये थी।
| शहर | पुरानी कीमत (₹) | नई कीमत (₹) | बढ़ोतरी (₹) |
| मुंबई | 1,835.50 | 2,031.00 | 195.50 |
| दिल्ली | 1,883.00 | 2,078.50 | 195.50 |
| कोलकाता | 1,990.00 | 2,208.00 | 218.00 |
| चेन्नई | 2,043.50 | 2,246.50 | 203.00 |
ये भी पढ़ें- गर्मियों की छुट्टियों पर सरकार का आदेश जारी, 2 मई से ‘वेकेशन’, पर विदर्भ में 1 जुलाई की मांग क्यों?
राहत की बात यह है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गोरेगाँवClick to open side panel for more information और मुंबई के अन्य हिस्सों में घरेलू सिलेंडर की कीमत 912.50 रुपये पर स्थिर बनी हुई है। हालांकि, 5 किलो वाले छोटे फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में 51 रुपये की वृद्धि की गई है।
तेल कंपनियों के अनुसार, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में लगभग 50% का उछाल आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर संकट के चलते सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। भारत अपनी गैस जरूरतों के लिए अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक कीमतों का असर सीधे घरेलू बाजार पर दिख रहा है।
कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ सकता है, क्योंकि बाहर खाना खाना या बाहर से खाना मंगवाना अब महंगा होने की पूरी संभावना है।
वैश्विक गैस संकट और घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण के लिए नए कड़े नियम लागू किए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी इन दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य कालाबाजारी को रोकना और आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, जेल और सुरक्षा बलों के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली गैस आपूर्ति में बाधा आने के बाद यह कदम उठाया गया है।नए नियमों के तहत, अब कमर्शियल सिलेंडर की खरीद के लिए ‘ग्राहक पहचान’ (KYC) और ‘उपयोग घोषणा’ (Usage Declaration) को अनिवार्य कर दिया गया है।
अब प्रत्येक 19 किलोग्राम और 47.5 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर पर एक विशिष्ट क्यूआर कोड (QR Code) लगा होना अनिवार्य है। इस कोड के जरिए सिलेंडर की रिफिलिंग से लेकर अंतिम डिलीवरी तक की पूरी यात्रा को ट्रैक किया जाएगा। इससे घरेलू सिलेंडर (14.2 KG) की गैस को कमर्शियल सिलेंडर में भरकर बेचने वाली अवैध रिफिलिंग इकाइयों पर लगाम कसी जा सकेगी। गैस एजेंसियों को अब हर डिलीवरी का डिजिटल रसीद और स्थान (GPS Location) पोर्टल पर अपलोड करना होगा।