मीट बैन और कबूतरखाना विवाद पर सीएम फडणवीस का बयान, बोले- स्वास्थय और आस्था दोनों जरूरी
Maharashtra News: सीएम फडणवीस ने मीट बिक्री पाबंदी और कबूतरखाना विवाद पर दिए हाईकोर्ट के फैसले पर कहा, कि हमें दो बातों को ध्यान में रखना चाहिए। स्वास्थ और आस्था दोनों जरुरी है।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस (pic credit; social media)
Mumbai Pigeon House Controversy: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के कबूतरों को दाना खिलाने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा। कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह मनमाने ढंग से फैसले नहीं बदल सकती। इसी बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कबूतरखाना विवाद और स्वतंत्रता दिवस पर मीट बिक्री पर पाबंदी को लेकर बयान दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमें दो बातों को ध्यान में रखना चाहिए। पहली बात यह है कि लोगों का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है और उसकी रक्षा जरूरी है। दूसरी बात है कि यह मामला आस्था से जुड़ा हुआ है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” उन्होंने कहा कि कबूतरों को दाना डालना समाज की एक परंपरा है, लेकिन इससे लोगों की सेहत पर असर न हो, यह भी देखा जाना चाहिए।
मीट बिक्री पाबंदी का महाराष्ट्र सरकार ने नहीं लिया फैसला
सीएम फडणवीस ने कहा, “यह कोई विवाद नहीं है, बल्कि समाज और परंपरा से जुड़ा हुआ मुद्दा है। हमें दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हुए बीच का रास्ता निकालना चाहिए।” स्वतंत्रता दिवस पर मीट की बिक्री पाबंदी को लेकर चल रही खबरों पर भी फडणवीस ने सफाई दी। उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो मैं साफ करना चाहता हूं कि हमारी सरकार ने ऐसा कोई नया फैसला नहीं लिया है।
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यह नियम 1988 से लागू है और कई महानगरपालिकाओं में पहले से ही यह नियम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुद इस नियम के बारे में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन मीडिया के जरिए पता चला। उन्होंने कहा, “जब मैंने महानगरपालिका के अधिकारियों से पूछा कि आपने ऐसा निर्णय क्यों लिया, तो उन्होंने मुझे 1988 का सरकारी आदेश (जीआर) दिखाया।”
फडणवीस ने यह भी कहा कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब भी उन्होंने इसी तरह का आदेश दिया था। हमारी सरकार की इस बात में कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं है कि कौन क्या खा रहा है। सरकार के पास और भी बहुत काम हैं।
(News Source-आईएएनएस)
