नहीं रुकेगा शक्तिपीठ हाईवे प्रोजेक्ट, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कर दिया साफ
शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर राज्य में बड़ा विरोध हो रहा है। शक्तिपीठ महामार्ग के लिए भूमिअधिग्रहण को मंजूरी दे दी गई है। लेकिन किसानों ने सरकार को अपनी जमीन देने इनकार कर दिया है।
- Written By: प्रिया जैस
शक्तिपीठ महामार्ग पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि शक्तिपीठ हाईवे अवश्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अड़चनों के मुद्दों को चर्चा के जरिए हल किया जाएगा। शक्तिपीठ हाईवे को लेकर कई जगहों पर, विशेषकर कोल्हापुर इलाके में भारी विरोध हो रहा है। पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में आंदोलन जारी हैं और हाल ही में रास्ता रोक प्रदर्शन भी हुआ है।
इस हाईवे के लिए कई उपजाऊ जमीनें जाना हैं, लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है, इसलिए वे जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इस महामार्ग के लिए सांगली तक जमीन देने में ज्यादा विरोध नहीं है, लेकिन कोल्हापुर के आसपास के किसानों का विरोध जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामार्ग से किसानों को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लगाया आरोप
इस मार्ग के क्षेत्र में जल संरक्षण का काम किया जाएगा, जिससे सूखे प्रभावित इलाकों को राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परियोजना के शुरू होने पर विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन विरोध के कारण राज्य का विकास नहीं रुकना चाहिए। शक्तिपीठ हाईवे को जनता का बड़ा समर्थन प्राप्त है, जबकि कुछ राजनीतिक नेता इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, ऐसा भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया।
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समृद्धि महामार्ग के बाद शक्तिपीठ महामार्ग राज्य सरकार का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। राज्य सरकार ने शक्तिपीठ महामार्ग बनाने पर पूरा ध्यान दे रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की मुंबई मंत्रालय ने 24 जून को शक्तिपीठ हाईवे को मंजूरी दी। इस बैठक में 3.5 शक्तिपीठों, 2 ज्योतिर्लिंगों और पंढरपुर अंबाजोगाई समेत 18 तीर्थ स्थलों को जोड़ने वाले शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना की डिजाइन और भूमि अधिग्रहण के लिए कैबिनेट ने 20,787 करोड़ की मंजूरी दे दी है।
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12 जिलों का जोड़ने वाली परियोजना
इस परियोजना का क्रियान्वयन निगम के माध्यम से किया जाने का फैसला किया है। बता दें, कि महाराष्ट्र शक्तिपीठ महामार्ग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। शक्तिपीठ महामार्ग के तहत राज्य के 12 जिलों को जोड़ा जाएगा। इन जिलों में वर्धा, यवतमाल, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, लातूर, धाराशिव, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर और सिंधुदुर्ग शामिल है। सरकार इसे आगे गोवा-महाराष्ट्र सीमा पर कोंकण एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना बना रही है।
