आंबेडकर जयंती को लेकर आयोजित बैठक में पोस्टर लॉन्च करते सीएम देवेंद्र फडणवीस व अन्य (सोर्स: साेशल मीडिया)
Ambedkar Jayanti Celebration At Chaityabhoomi: भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर की आगामी 135वीं जयंती को महाराष्ट्र सरकार एक ऐतिहासिक “विचारों के उत्सव” के रूप में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बाबासाहेब के विजन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम होना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इस वर्ष 14 अप्रैल के उपलक्ष्य में कई विशेष आकर्षण जोड़े गए हैं। 13 अप्रैल की शाम को दादर स्थित चैत्यभूमि पर डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्ष और उनके योगदान को दर्शाने वाला एक भव्य ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। साथ ही, जयंती के दिन मुख्य स्मारक पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।
🔸 CM Devendra Fadnavis chairs a review meeting regarding arrangements of various services and facilities at Chaityabhoomi, Mumbai, on the occasion of the birth anniversary of BharatRatna Dr. Babasaheb Ambedkar.
Minister Sanjay Shirsat and senior officials were present. 🔸… pic.twitter.com/IWfnvk4Lsq — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) April 3, 2026
भीषण गर्मी को देखते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चैत्यभूमि आने वाले लाखों अनुयायियों को ध्यान में रखते हुए गर्मी से बचाव के लिए शेड, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था और दादर एवं आसपास के इलाकों में सुचारू यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आम लोगों के लिए सूचना बोर्ड लगाने और दादर रेलवे स्टेशन से चैत्यभूमि के बीच पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने जानकारी दी कि राज्य सरकार “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के मंत्र को धरातल पर उतारने के लिए नए छात्रावासों का निर्माण कर रही है। जिला कलेक्टरों के माध्यम से “संविधान हर घर तक” पहल शुरू की जा रही है, ताकि नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बाबासाहेब का संविधान दुनिया का सर्वश्रेष्ठ दस्तावेज है, जिसके समावेशी सिद्धांत भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की राह दिखा रहे हैं। बैठक में पुलिस प्रशासन, नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिन्हें सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।