'...तो नेताओं को बुर्का पहनकर घूमना पड़ेगा', मंत्री संजय शिरसाट बोले- राम रहीम जैसा होगा अशोक खरात का हाल

Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले पर मंत्री संजय शिरसाट ने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि नेताओं के साथ फोटो होने का मतलब यह नहीं कि वे अपराधी के साथी हैं।
Sanjay Shirsat On Ashok Kharat Case
मंत्री संजय शिरसाट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Shirsat On Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त अशोक खरात प्रकरण ने तूफान खड़ा कर दिया है। भोंदू बाबा अशोक खरात के साथ सत्ताधारी नेताओं की तस्वीरें वायरल होने के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए शिवसेना नेता और मंत्री संजय शिरसाट ने आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी के साथ फोटो खिंचवाने का अर्थ यह नहीं है कि नेता उसके अपराधों में भागीदार है।

मंत्रालय में बुर्का पहनकर घूमना पड़ेगा: शिरसाट

छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं के साथ हर दिन सैकड़ों लोग फोटो खिंचवाते हैं। उनमें से कौन हत्यारा है, कौन बलात्कारी है या कौन क्या काला धंधा करता है, यह फोटो खिंचवाते समय उसके चेहरे पर नहीं लिखा होता। यदि केवल फोटो के आधार पर नेताओं को राजनीति छोड़नी पड़ी, तो कल से हम सभी को मंत्रालय में बुर्का पहनकर घूमना पड़ेगा।

खरात का हश्र राम रहीम जैसा होगा

अशोक खरात के कुकर्मों पर प्रहार करते हुए शिरसाट ने उसे 'नीचता की पराकाष्ठा' बताया। उन्होंने कहा कि इस ढोंगी बाबा पर अब भगवान का प्रकोप हुआ है। शिरसाट ने चेतावनी देते हुए कहा कि खरात ने जो कृत्य किया है, वह धर्म पर कलंक है। उसका हाल भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम जैसा होगा। उसे अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़कर काटनी पड़ेगी।

नेताओं की मजबूरी और सावधानी

मंत्री शिरसाट ने स्पष्ट किया कि नेता अक्सर कार्यकर्ताओं के आग्रह पर मंदिर, सप्ताह या धार्मिक आयोजनों में जाते हैं। वहां जाना एक आस्था और जनसंपर्क का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम वहां अच्छी भावना से जाते हैं, लेकिन अगर वहां कुछ गलत हो रहा है, तो उसके लिए नेता को जिम्मेदार ठहराना गलत है। हालांकि, इस प्रकरण के बाद अब राज्य के सभी राजनीतिक नेता सतर्क हो गए हैं।

 शिरसाट का संजय राउत पर तंज

संजय राउत द्वारा 'वर्षा' बंगले पर जादू-टोना किए जाने के आरोपों पर शिरसाट ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अगर जादू-टोना करके ही कोई मुख्यमंत्री बन पाता, तो जनता के बीच जाने की जरूरत ही क्या थी? यह फुले-शाहू-अंबेडकर का महाराष्ट्र है, यहां ये सब नहीं चलता। असल में संजय राउत खुद बड़े जादूगर हैं, जिन्होंने उद्धव ठाकरे की सत्ता पलट दी और पूरी पार्टी को ही डुबो दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि खरात मामले की गहराई से जांच हो रही है और उसे मदद करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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