दिव्यांगों की स्कॉलरशिप बढ़ी, 12 साल पुरानी मांग पर फडणवीस कैबिनेट का बड़ा निर्णय

Fadnavis Cabinet Decisions:मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट ने दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में बड़ी बढ़ोतरी और कई विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने जैसे अहम फैसल
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Maharashtra disability Scholarship Hike (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra River Revival Authority: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में छह महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें सबसे बड़ा और चर्चित निर्णय दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में भारी बढ़ोतरी का रहा, जिसका इंतजार पिछले 12 वर्षों से किया जा रहा था। साथ ही प्रदेश की प्रदूषित नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए एक नए प्राधिकरण की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।

दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं 8 से 34 वर्ष पुरानी थीं और इनमें संशोधन की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

फडणवीस कैबिनेट ने आखिरकार यह मांग पूरी करते हुए दिव्यांगता के सभी 21 प्रकारों में आने वाले शिशु वर्ग से आठवीं तक के छात्रों की छात्रवृत्ति 100-200 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिमाह कर दी। नववीं से दसवीं के आवासीय छात्रों को 800 रुपए और अनावासीय छात्रों को 600 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे।

नदी पुनरुद्धार के लिए प्राधिकरण स्थापित

ग्यारहवीं व बारहवीं के आवासीय विद्यार्थियों को 1000 रुपए तथा अनावासीय को 800 रुपए प्रतिमाह की छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा ग्यारहवीं-बारहवीं के दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षण शुल्क भी सरकार वहन करेगी। नेत्रहीन छात्रों को प्रतिमाह 150 रुपए पाठक भत्ता और सालाना 1500 रुपए अध्ययन दौरे का अनुदान भी दिया जाएगा। इस पूरी योजना के लिए 23 करोड़ 11 लाख रुपए के वार्षिक व्यय को मंजूरी दी गई है।

नदी पुनरुद्धार के लिए 'नोडल एजेंसी'

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 2025 की रिपोर्ट में देश के 296 प्रदूषित नदी क्षेत्रों में से सर्वाधिक 54 महाराष्ट्र में चिन्हित किए गए हैं। मिठी, मुला-मुठा, पंचगंगा, नाग और भीमा जैसी नदियां इनमें प्रमुख हैं। इन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कैबिनेट ने महाराष्ट्र राज्य नदी पुनरुद्धार प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष पर्यावरण मंत्री होंगे। प्राधिकरण को 2000 करोड़ रुपए का कोष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से, 100 करोड़ रुपए सरकारी अंशदान के रूप में तथा खनन राजस्व का 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्राधिकरण सीवेज प्रबंधन, अतिक्रमण नियंत्रण और नदी संरक्षण के लिए नीति-निर्माण व क्रियान्वयन का काम करेगा।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

सिंचाई और प्रशासनिक सुधारों पर जोर

बैठक में अहिल्यानगर जिले की बहुप्रतीक्षित 'साकलाई लिफ्ट सिंचाई योजना' के लिए 1,234 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई। इससे क्षेत्र के 32 सूखाग्रस्त गांवों को पीने का पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

आरक्षण उप-वर्गीकरण के लिए विशेष समिति

अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण की संभावनाओं और प्राप्त ज्ञापनों पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कैबिनेट को प्रस्तुत करेगी।

अमरावती में खेल संकुल का निर्माण

अमरावती महानगरपालिका को खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए नवसारी क्षेत्र में 16,708 वर्ग मीटर जमीन सौंपने का निर्णय लिया गया है। इस भूमि पर बकाया पुराने शुल्क को भी सरकार ने जनहित में माफ कर दिया है।

भूमि अभिलेख सुधार

भूमि अभिलेख विभाग की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए 'कैडस्ट्राल सर्वेयर' (भूकर मापक) के पद को समाप्त कर 'रखरखाव सर्वेयर' (परिरक्षण भूमापक) का नया पद सृजित किया गया है, जिससे भूमि मापन और रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी।

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