

Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल राहत घोषित करने के बाद राज्य सरकार ने केंद्र से पैकेज की मांग की है। गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
इसमें सीएम और डिप्टी सीएम की तरफ से महाराष्ट्र में बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर एक डिटेल पत्र उन्हें सौंपा गया। फडणवीस ने लिखा कि महाराष्ट्र में भारी बारिश और इसके कारण किसानों को हुए भारी नुकसान के बारे में एक विस्तृत बयान शाह को सौंपा गया। इसमें महाराष्ट्र में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को एनडीआरएफ से पर्याप्त सहायता प्रदान करने की मांग की गई।
महाराष्ट्र के बीड-धाराशिव और कुछ जिलों में बाढ़ से काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। एक दिन पर राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को ओपन पत्र लिया था। वहीं गुरुवार को राज्य के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने पंजाब की तरह किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
विपक्षी दलों ने सरकार से राज्य को 'आपदाग्रस्त' घोषित करने की मांग की है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि सरकार उन मामलों में राहत के लिए सकारात्मक रुख रखती है जिनमें बाढ़ के कारण पूरी फसल तबाह हो गई। वहीं धाराशिव में डीसीएम पवार बाढ़ पीड़ित किसानों से बात करते हुए एक युवा किसान पर भड़क गए। उस किसान ने अजित से सीधे किसानों की कर्जमाफी को लेकर सवाल पूछ लिया। इसके बाद डीसीएम का पारा गरम हो गया। उन्होंने कहा कि वे यहां गोटी खेलने के लिए नहीं आए हैं। प्रभावित इलाके का दौरा करने के बाद सभी किसानों की उचित मदद भी की जाएगी। अगर कर्जमाफी चाहते हो तो फिर मुझे सीएम बनाना होगा। हालांकि बाद में अजीत ने कहा कि हमारी सरकार हर पीड़ित की मदद करेगी।
धाराशिव जिले में म्हात्रेवाडी निवासी लक्ष्मण बाबासाहब पवार नामक एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बाढ़ से नुकसान के कारण लक्ष्मण पवार मानसिक तनाव में थे।
पाटिल पाथरी और गंगाखेड विधानसभा क्षेत्र में मदद और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने अतिवृष्टि में हुए नुकसान का निरीक्षण किया और किसानों की व्यथा को समझा। पाटिल ने आश्वासन दिया कि बढ़ी हुई मदद का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
इसी बीच, मराठवाड़ा के साथ-साथ जलगांव, अहिल्यानगर, सोलापुर जिलों में भी अतिवृष्टि से हाहाकार मचा हुआ है। मराठवाड़ा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है और बारिश ने कई लोगों की जान ले ली है। यहां 4 लाख 91 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की फसलों को नुकसान होने का अनुमान है।