
CJI सूर्यकांत (सोर्स: सोशल मीडिया)
CJI Suryakant on Justice Delay: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायपालिका की भूमिका पर एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालयों को अब व्यवस्थागत खामियों पर मूकदर्शक बने रहने के बजाय ‘प्रो-एक्टिव’ होना होगा। CJI के अनुसार, न्याय का अर्थ केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि उसे समय पर सुनिश्चित करना है।
फली नरीमन स्मृति व्याख्यान के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने एक बेहद प्रभावशाली बात कही। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय संविधान के प्राथमिक प्रहरी हैं। अक्सर यह देखा जाता है कि अदालतें किसी पीड़ित के आने का इंतजार करती हैं, लेकिन सीजेआई का मानना है कि जहां कानून के शासन (Rule of Law) की विफलता दिखे, वहां अदालतों को खुद आगे बढ़कर संज्ञान लेना चाहिए।
उनके अनुसार, न्याय तक पहुंचना नागरिक का एक ‘पैसिव राइट’ (निष्क्रिय अधिकार) नहीं होना चाहिए, बल्कि यह राज्य द्वारा गारंटीकृत सेवा होनी चाहिए। जब अदालतें सक्रिय होती हैं, तभी आम आदमी का भरोसा सिस्टम पर बना रहता है।
अदालतों में लंबित मामलों पर प्रहार करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, “न्याय में देरी केवल न्याय का इनकार नहीं है, बल्कि यह न्याय का विनाश है।” यह बयान उन लाखों वादियों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो सालों से तारीखों के चक्कर में फंसे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी प्रक्रिया इतनी जटिल या लंबी नहीं होनी चाहिए कि वह न्याय के मूल उद्देश्य को ही खत्म कर दे।
बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक अभिनंदन समारोह में सीजेआई ने भविष्य की न्यायपालिका का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि हर मामले का समाधान केवल कोर्ट रूम के भीतर ही संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक जरूरत है।विवादों को बुद्धिमत्ता से सुलझाना ही परिपक्व न्याय प्रणाली की पहचान है। मुकदमों के बोझ को कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र को मजबूत करना अनिवार्य है।
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अक्सर उच्च न्यायालयों को केवल सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने की एक सीढ़ी माना जाता है, लेकिन सीजेआई ने इस धारणा को खारिज किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट आम नागरिक की दहलीज के रक्षक हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि कानून का शासन कोई किताबी अवधारणा नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाली एक जीवंत वास्तविकता है। हाईकोर्ट की मजबूती ही भारतीय न्यायिक ढांचे की नींव है।






