दिल्ली जाएंगे भुजबल, तो महाराष्ट्र में कौन संभालेगा कमान? एनसीपी के भीतर मचे घमासान की इनसाइड स्टोरी
Chhagan Bhujbal NCP News: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद छगन भुजबल का राज्यसभा जाना तय। जानिए समीर भुजबल की नई भूमिका और एनसीपी के भीतर मचे इस घमासान की पूरी कहानी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
देवेंद्र फडणवीस और छगन भुजबल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhagan Bhujbal To Rajya Sabha: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल को राज्यसभा भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने के बाद लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की उच्च स्तरीय बैठक में भुजबल के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई है, जिसे महायुति गठबंधन के भीतर एक बड़े राजनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है।
समीर भुजबल की भूमिका और राजनीतिक समीकरण
छगन भुजबल के केंद्र की राजनीति में जाने के साथ ही राज्य में उनकी विधानसभा सीट और मंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार, उनके भतीजे समीर भुजबल को उनकी जगह राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने और उनकी विधानसभा सीट पर रखने के बारे में पार्टी में चर्चा चल रही है। हालांकि, इस बदलाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी मिलना अनिवार्य है। इस कदम को आगामी चुनावों के मद्देनजर भुजबल परिवार के राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी के भीतर आंतरिक संघर्ष और खींचतान
राज्यसभा की इस एक सीट के लिए पार्टी के भीतर काफी प्रतिस्पर्धा का माहौल रहा। छगन भुजबल के अलावा चार पूर्व सांसदों के नाम भी इस दौड़ में शामिल थे। हाल ही में पार्टी के भीतर आंतरिक कलह की खबरें भी सामने आई थीं, जहाँ सुनील तटकरे और छगन भुजबल के बीच तीखी बहस होने की जानकारी मिली है। इस विवाद के कारण देवगिरी बंगले का राजनीतिक वातावरण काफी गर्म हो गया था और पार्थ पवार अचानक बैठक छोड़कर चले गए थे।
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भुजबल जाएंगे दिल्ली पर राज्य का क्या होगा?
छगन भुजबल का दिल्ली जाना महायुति के भीतर एक नया राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकता है। इसके साथ ही, मंत्री हसन मुश्रीफ के उस बयान ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि वित्त विभाग जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को मिल सकता है। वर्तमान में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भुजबल के दिल्ली जाने के बाद राज्य की राजनीति और मंत्रिमंडल में क्या बदलाव होते हैं।
