छगन भुजबल का दिल्ली जाना तय, भतीजे को राज्य में मिलेगा मंत्रिपद, फडणवीस के साथ मुलाकात के बाद हलचल तेज

Chhagan Bhujbal Rajya Sabha Election NCP Maharashtra 2026: छगन भुजबल जा सकते हैं राज्यसभा, सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर शनिवार को हो सकती है बड़ी घोषणा।
Chhagan Bhujbal Rajya Sabha Election
राज्यसभा जाएंगे छगन भुजबल, समीर भुजबल को राज्य में मिलेगा मंत्रिपद! (फोटो क्रेडिट-X)
Updated on

Chhagan Bhujbal Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों की गहमागहमी के बीच अब राज्यसभा की इस इकलौती सीट को लेकर मुंबई में शनिवार को बेहद तेज और महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। सुनेत्रा पवार के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने और उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद खाली हुई इस सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए एनसीपी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एक्टिव हो चुका है।

नवनीत राणा के नाम को लेकर पैदा हुए संशय को दूर करने के लिए खुद प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बंद कमरे में बातचीत की, जिसके बाद छगन भुजबल के नाम पर महायुति के भीतर आम सहमति बनती हुई दिखाई दे रही है। इस पूरे राजनीतिक सौदेबाजी के बीच छगन भुजबल ने पार्टी और सरकार के सामने अपनी भविष्य की राजनीति को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा दांव खेल दिया है।

केंद्र में छगन भुजबल तो राज्य में समीर भुजबल को कमान

पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, छगन भुजबल केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन इसके एवज में उन्होंने महायुति के सामने यह ठोस प्रस्ताव रखा है कि महाराष्ट्र सरकार में उनके खाली होने वाले मंत्री पद और विधायक पद पर उनके भतीजे समीर भुजबल को तुरंत मौका दिया जाए। भुजबल अपने राजनीतिक साम्राज्य और परिवार के रसूख को राज्य की राजनीति में कमजोर नहीं होने देना चाहते हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बैठक में एनसीपी के शीर्ष नेताओं ने मुख्य रूप से इसी 'भुजबल फॉर्मूले' पर विस्तार से चर्चा की है।

नवनीत राणा के नाम से क्यों फैली थी एनसीपी में बेचैनी?

गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से मीडिया और राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा जोरों पर थी कि भाजपा आलाकमान नवनीत राणा को राज्यसभा भेजकर महायुति के भीतर एक नया समीकरण साधना चाहता है। चूंकि यह सीट मूल रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कोटे की है, इसलिए अपने हक की सीट किसी अन्य दल के नेता को दिए जाने की भनक लगते ही अजित पवार गुट के भीतर असंतोष की लहर दौड़ गई थी। इसी डैमेज को कंट्रोल करने के लिए शनिवार सुबह से ही बैठकों का दौर शुरू हुआ और अंततः पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं ने भुजबल के आवास पर जाकर उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी कर ली।

आधिकारिक एलान और समीर भुजबल की एंट्री पर टिकीं नजरें

अब पूरे महाराष्ट्र की राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शनिवार शाम तक छगन भुजबल के नाम की आधिकारिक घोषणा करती है या नहीं। इसके साथ ही, महायुति के भीतर यह देखना भी बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होगा कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा नेतृत्व छगन भुजबल की इस जिद के आगे झुकते हैं और समीर भुजबल को राज्य के आगामी कैबिनेट विस्तार में शामिल कर उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई जाती है या नहीं। यदि यह फॉर्मूला पूरी तरह सफल रहता है, तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले ओबीसी (OBC) राजनीति के समीकरणों में महायुति को एक बड़ी मजबूती मिल सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com