राज्यसभा टिकट नहीं मिलने के बाद छगन भुजबल का दर्द छलका, बोले- कुछ लोग बिना संघर्ष के आगे बढ़ गए
Chhagan Bhujbal Reaction: राज्यसभा की उम्मीदवारी नहीं मिलने के बाद राकांपा नेता छगन भुजबल के बयान चर्चा में हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर अवसरों और नेतृत्व को लेकर परोक्ष रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की।
- Written By: अपूर्वा नायक
छगन भुजबल फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhagan Bhujbal Reaction On Rajya Sabha Ticket: राज्यसभा की उम्मीदवारी नहीं मिलने के बाद राकांपा (अजीत गुट) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के बयान लगातार राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
बुधवार को उन्होंने इशारों-इशारों में पार्टी के कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 26 वर्षों में कुछ लोग मेहनत के दम पर आगे बढ़े, जबकि कुछ बिना विशेष संघर्ष किए ही आगे निकल गए, उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है।
मीडिया से बातचीत में छगन भुजबल ने कहा कि नमस्कार ताकत को होता है। आपके पीछे कितने विधायक, सांसद और नगरसेवक हैं, इसी पर बहुत कुछ निर्भर करता है। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और राजनीतिक प्रभाव को लेकर की गई टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। किसी भी राजनीतिक दल में मतभेद होना स्वाभाविक है। जब आपस में मतभेद होते हैं तो हम घर नहीं छोड़ते, बल्कि अपनी बात रखते हैं।
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भुजबल जाना चाहते थे राज्यसभा
सूत्रों के अनुसार, छगन भुजबल राज्यसभा जाना चाहते थे। बताया जाता है कि उन्होंने अपने भतीजे समीर भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में जगह देने की शर्त भी रखी थी। हालांकि भाजपा और महायुति की ओर से इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ और अंततः भुजबल राज्यसभा नहीं जा सके। इसके बाद राकां ने राजेंद्र जैन को राज्यसभा के लिए मौका दिया। इस घटनाक्रम के बाद भुजबल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पार्टी के अन्य नेताओं के परिवारों को जो अवसर मिलते हैं, वैसा ही न्याय उन्हें भी मिलना चाहिए।
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सुनेत्रा की तारीफ कर दिया अलग संदेश
एक ओर जहां भुजबल ने अपनी नाराजगी जाहिर की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि अजीत पवार के जाने के बाद सुनेत्रा ताई आगे आई हैं। उनके नेतृत्व में राकांपा आगे बढ़ेगी और बड़ी प्रगति करेगी। भुजबल ने कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए कहा कि हर किसी को लगातार काम करते रहना चाहिए। कई लोगों को लगता है कि पार्टी ने उन्हें कुछ नहीं दिया, लेकिन पद सीमित होते हैं। पार्टी सभी को न्याय देने का प्रयास करती है। हमें एकजुट होकर काम करते रहना चाहिए।
