राज्यसभा से पहले भुजबल की शर्त! मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा; सियासी गलियारों में तेज हुई अटकलें

Maharashtra Politics: राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए छगन भुजबल का नाम चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने राज्यसभा जाने से पहले मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर महत्वपूर्ण मांग रखी है।
Bhujbal sets a condition ahead of Rajya Sabha polls; discussions underway regarding cabinet representation; speculation intensifies in political circles.
छगन भुजबल, राज्यसभा सीट, समीर भुजबल, महायुति,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Political Strategy: नासिक राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से छगन भुजबल का नाम लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन उनकी आगे की राजनीतिक भूमिका पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। राज्यसभा जाने को लेकर भुजबल सकारात्मक बताए जा रहे हैं, हालांकि उससे पहले राज्य मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर उन्होंने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है, जिसकी राजनीतिक गलियारों में जोरदार चर्चा है। शनिवार को मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।

बताया जाता है कि इस बैठक में राज्यसभा की उम्मीदवारी, मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व और पार्टी के भीतर राजनीतिक संतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों अनुसार, भुजबळ ने राज्यसभा जाने के बाद अपने स्थान पर भतीजे समीर भुजबळ को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया है।

लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विषय पर सूत्रों के अंतिम निर्णय लेने से पहले भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा आवश्यक होने की बात कही है। ऐसे में अब इस प्रस्ताव पर भाजपा हाईकमान क्या रुख अपनाता है, इस पर महायुति के नेताओं की नजरें टिकी हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि भुजबल की मांग को मंजूरी मिलती है तो राज्यसभा चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी जल्द घोषित की जा सकती है। अन्यथा इस विषय पर कुछ और दिनों तक मंथन जारी रह सकता है।

पार्टी में प्रतिनिधित्व का मुद्दा बना चर्चा का विषय

बताया जाता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस की आंतरिक बैठकों में छगन भुजबल ने पार्टी की स्थापना से लेकर अब तक भुजबल परिवार के योगदान का मुद्दा उठाया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जब पार्टी के अन्य प्रमुख नेताओं के परिवारों को केंद्र और राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व मिला है, तो भुजबल परिवार को भी समान अवसर मिलना चाहिए, इस बीच राज्यसभा उम्मीदवार के चयन और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अगले एक-दो दिनों में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होने की संभावना है। इसी चजह से महायुति के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है।

येवला में सामने आई लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

येवला में छगन भुजबल द्वारा विधानसभा क्षेत्र छोड़ने की संभावित चर्चा के बाद लोगों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इस संभावना पर नाराजगी व्यक्त की है, जबकि कुछ का मानना है कि छगन भुजबल के राज्यसभा जाने से येवला को एक सांसद का प्रतिनिधित्व मिलेगा। वहीं, कुछ नागरिकों का कहना है कि यदि समीर भुजबळ को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलती है तो वे और अधिक ऊर्जा के साथ काम करेंगे। साथ ही क्षेत्र को एक युवा विधायक का नेतृत्व मिलने से विकास कार्यों को भी गति मिल सकती है।

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