Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Housing Corruption Case: महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने नाशिक के म्हाडा हाउसिंग प्रोजेक्ट में हुए घोटाले को लेकर भू-माफियाओं और बिल्डरों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के हक के घरों को हड़पने का मामला अत्यंत गंभीर है और इसमें शामिल किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि गरीबों का खून चूसने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ, तो इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी जाएगी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि गरीबों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत घरों को हड़पने के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। गिरोह ने एक ही दिन में जमीन के टुकड़े करने, रिकॉर्ड दर्ज करने और नक्शे मंजूर कराने जैसे काम मिलीभगत से किए हैं।
इस घोटाले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसाईटी) का गठन किया गया है, जिसमें एक आईपीएस (आईपीएस) और दो आईएएस (आईएएस) अधिकारी शामिल हैं। बावनकुले ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर आ जाएगी। उन्होंने नाशिक के विभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर को दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उनका लक्ष्य केवल सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि बिल्डरों से 20 प्रतिशत संपत्ति वापस लेकर उसे गरीबों को सौंपना है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और अपनी छवि खराब करने की कोशिशों पर मंत्री बावनकुले ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्जमाफी पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है।
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बावनकुले ने कहा, “मेरा मानना है कि जिन संपन्न लोगों के पास फार्महाउस और मर्सिडीज जैसी गाड़ियां हैं, उन्हें कर्जमाफी की मांग नहीं करनी चाहिए, ताकि वह पैसा वास्तव में जरूरतमंद और गरीब किसानों तक पहुंच सके।” उन्होंने अपने ऊपर लगे 80 एकड़ जमीन के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि उनके पास केवल 28 एकड़ जमीन है। झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने वालों के खिलाफ उन्होंने 10 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा ठोकने की बात कही है।