महायुति में महामंडलों के बंटवारे का फॉर्मूला तय, भाजपा को मिली 48% हिस्सेदारी
Mahayuti Corporation Sharing Formula: महायुति सरकार में लंबे समय से लंबित महामंडलों के बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। BJP, शिवसेना और NCP (अजित गुट) के बीच 48-29-23% हिस्सेदारी पर सहमति बनी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
देवेंद्र फडणवीस, सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे (सौ. फाइल फोटो )
Mahayuti Corporation Sharing Formula: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में लंबे समय से प्रतीक्षित महामंडलों के बंटवारे का फॉर्मूला आखिरकार तय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, महायुति के घटक दलों के बीच 48-29-23 का फॉर्मूला निश्चित किया गया है।
इसके तहत भाजपा को सबसे ज्यादा 48 प्रतिशत, शिवसेना को 29 प्रतिशत और राकांपा (अजीत गुट) को 23 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। सरकार बनने के बाद से ही महायुति के नेताओं और पदाधिकारियों की नजर महामंडलों में नियुक्तियों पर टिकी हुई थी।
अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद पहल करते हुए इस लंबे समय से अटके मुद्दे को सुलझा लिया है। उन्होंने भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं को जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले एक महीने के भीतर राज्य के विभिन्न महामंडलों का बंटवारा पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि किस पार्टी को कौन-सा महामंडल मिलेगा। इसको लेकर आने वाले दिनों में महायुति के घटक दलों के बीच विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
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CM-DCM लगाएंगे अंतिम मुहर
बताया जा रहा है कि महायुति की अगली बैठक में महामंडलों में सदस्यों के बंटवारे को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की बैठक में अंतिम सूची पर मुहर लगाई जाएगी। फिर तीनों दल अपने-अपने नेताओं और पदाधिकारियों की नियुक्तियों को अंतिम रूप देंगे। इस बीच कई नेता और पदाधिकारी अपनी पसंद के महामंडलों में जगह पाने के लिए सक्रिय लॉबिग भी शुरू कर चुके हैं।
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विप चुनाव के बाद तेज होगी प्रक्रिया
राज्य में इस समय विधान परिषद चुनाव की तैयारियां भी जोर पकड़ रही है। स्थानीय स्वराज्य संस्था कोटे की 17 सीटों के लिए अगले महीने 17 जून को चुनाव प्रस्तावित हैं। राजनीतिक सूत्रों का मानना है कि यदि ये चुनाव निर्विरोध हो जाते हैं, तो उसके बाद महामंडलों के बंटवारे की प्रक्रिया और तेज हो सकती है। फिलहाल महायुति के भीतर विभिन्न पदों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
