

CBI Arrest CGST Superintendent: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में CGST अधीक्षक पंकज कुमार और कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि न्यू पनवेल की एक पुनर्विकास परियोजना में CGST के 24 फ्लैटों का कब्जा सौंपने और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
10 लाख रुपये लेते कंसल्टेंट गिरफ्तार
CBI के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर एजेंसी ने जाल बिछाया। इसी कार्रवाई के दौरान कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद CGST अधीक्षक पंकज कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
रायगढ़ जिले के न्यू पनवेल स्थित सेक्टर-17 में एक निजी रियल एस्टेट कंपनी दो इमारतों का पुनर्विकास कर रही है। इन इमारतों में CGST और सेंट्रल एक्साइज, रायगढ़ आयुक्तालय के स्वामित्व वाले 24 फ्लैट शामिल हैं।
आरोप है कि इन फ्लैटों का कब्जा सौंपने और पुनर्विकास परियोजना के लिए NOC जारी करने के बदले पंकज कुमार ने कंपनी के प्रोजेक्ट प्रमुख से एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी।
जांच के दौरान सामने आया कि कथित रिश्वत की रकम तीन हिस्सों में तय की गई थी। इसमें 10 लाख रुपये नकद, एक फ्लैट के लिए 20 लाख रुपये डाउन पेमेंट और 70 लाख रुपये दिल्ली स्थित डीजी एचआरडी, CGST कार्यालय के अन्य अधिकारियों को देने की बात शामिल थी।
कंपनी के प्रोजेक्ट प्रमुख की शिकायत पर CBI ने मामला दर्ज किया। एजेंसी के मुताबिक, पंकज कुमार ने शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपये कंसल्टेंट प्रसाद कुमार स्वामी को देने के लिए कहा था। तय योजना के अनुसार, जैसे ही स्वामी ने रकम स्वीकार की, CBI टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पंकज कुमार और प्रसाद कुमार स्वामी को दो दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी का कहना है कि मामले में CGST सहित केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की संभावित भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच जारी