Budget 2026 ने मुंबईकरों को किया निराश, मुंबई की लाइफलाइन ‘लोकल’ को बजट में क्या मिला?
Union Budget 2026: बजट में मुंबई के लिए 'बुलेट' और 'हाई-स्पीड रेल' पर जोर है, लेकिन लोकल यात्रियों को निराशा मिली। 80 लाख यात्रियों की सुरक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय नए कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई।
- Written By: आकाश मसने
Budget 2026 (डिजाइन फोटो)
Budget 2026 For Mumbai: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को निराशा ही हाथ लगी है। देश को सबसे ज्यादा टेक्स देने वाले मुंबईकरों को सुलभ रेल परिवहन, भारी ट्रैफिक से मुक्ति, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर वाली योजनाओं, सस्ते सुलभ घर, करों में राहत आदि सुविधाओं को लेकर घोषणाओं की आशा थी। लेकिन बजट में मुंबई-पुणे हाइस्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्ताव को छोड़कर कुछ नया नहीं मिलता दिखाई दे रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश भर में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, इनमें दो कॉरिडोर महाराष्ट्र से जुड़े होंगे। बहुउद्देश्यीय मुंबई पुणे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के साथ पुणे हैदराबाद के बीच भी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। वैसे वित्तमंत्री ने रेलवे के लिए इस बार के बजट में 2.93 लाख करोड़ की रिकॉर्ड राशि प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष 2.53 लाख करोड़ से काफी ज्यादा है।
अब देखना यह होगा कि इनमें से मुंबई एमएमआर के रेल यात्रियों के हिस्से में कितना आता है,क्योंकि देश भर की ट्रेनों में रोजाना यात्रा करने वाले लगभग 2.40 करोड़ यात्रियों के मुकाबले अकेले मुंबई की लगभग 3100 लोकल ट्रेनों में ही 75 से 80 लाख यात्री रोजाना यात्रा करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
54 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में फंसा रहा रिटायर्ड बैंक मैनेजर, खाते से उड़ गए 40 लाख, ऐसे चलता है नया साइबर जाल
क्या मछुआरे अब जलेबी-फाफड़ा बेचेंगे? मछली काटने पर प्रतिबंध, BMC के फैसले पर ठाकरे गुट और मनसे का सवाल
‘मेयर जश्न में मस्त, जनता त्रस्त’, महिला सुरक्षा को लेकर रितु तावड़े पर किशोरी पेडनेकर का तीखा प्रहार
ममता बनर्जी का फैसला सही, इस्तीफा देने की जरूरत नहीं, संजय राउत ने उद्धव ठाकरे मामले का दिया हवाला
80 लाख लोकल यात्रियों के लिए क्या ?
मुंबई एमएमआर में परिवहन के कई साधन बढ़ रहे हैं, लेकिन अब भी मुंबई लोकल पर ही सर्वाधिक आबादी निर्भर है। रोजाना लगभग 80 लाख यात्री मुंबई लोकल से यात्रा करते हैं। लोकल में लगातार भारी भीड़ के चलते बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए साधारण लोकल ट्रेनें बढ़ाने, 12 डिब्बों की जगह 15 डिब्बों की लोकल चलाने आदि कई जरूरी यात्री सुविधाओं को लेकर केंद्रीय बजट में कोई घोषणा नहीं की गई।
उल्लेखनीय है कि मुंबई में मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (एमयूटीपी) के तहत चल रही रेल परियोजनाओं के लिए हर साल बजट में राशि उपलब्ध कराई जाती है। पिछले साल एमयूटीपी के तहत मुंबई लोकल को बजट में 1101 करोड़ रुपए मिले थे, उतनी ही राशि राज्य सरकार को भी देनी पड़ती है। इस मामले में रेल प्रशासन का कहना है कि केंद्रीय बजट में ही शामिल रेल बजट की पिंक बुक से एमयूटीपी के लिए मिलने वाली राशि का पता चलेगा। उधर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्रीय बजट में मुंबई सहित राज्य के विभिन्न रेल, मेट्रो एवं रोड इंफ्रा परियोजनाओं के लिए लगभग 12500 करोड़ रुपए मिले हैं।
लोकल से ज्यादा बुलेट पर जोर
मुंबई में रेल यात्रियों के सुचारु परिवहन हेतु MUTP योजनाओं के अलावा केंद्र सरकार द्वारा रेल मंत्रालय को अलग से राशि दी जाती है। पता चला है कि इस बार मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के काम को तेजी से आगे बढ़ाने एवं सूरत से बिलीमोरा प्रथम चरण को शुरू करने के लिए 5 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ मुंबई-पुणे हाइस्पीड रेल कॉरिडोर को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उधर मुंबई के लोकल रेल यात्री संगठनों का मानना है कि केंद्र सरकार एशिया की सबसे बड़े और व्यस्त रेल नेटवर्क में से मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर ध्यान देने की बजाय बुलेट व हाईस्पीड ट्रेनों को तवज्जो दे रही है।
यह भी पढ़ें:- Budget 2026: मुंबई-पुणे-हैदराबाद के बीच दौड़ेगी हाई-स्पीड ट्रेन, महाराष्ट्र के लिए बजट में हुई ये बड़ी घोषणाएं
रेल यात्री सेवा सुविधा संगठन के अध्यक्ष डॉ. पारसनाथ तिवारी ने कहा कि इस बजट से मुम्बईकरों विशेष रूप से लोकल यात्रियों को काफी उम्मीदें थीं। मुंबई लोकल पर निर्भर लाखों यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। देश की आर्थिक राजधानी एवं एमएमआर इलाकों में आवागमन की स्थिति खराब होती जा रही है।
लोकल नेटवर्क की चिंताजनक स्थिति: सिंघल
वेस्टर्न रेलवे सलाहकार समिति सदस्य एवं भारत मर्चेंट चेम्बर के ट्रस्टी राजीव सिंघल ने कहा कि सरकार को मुंबई पुणे हाईस्पीड कॉरिडोर,जिसकी फिलहाल कोई जरूरत नहीं है,उससे अधिक जरूरत मुंबई की लाइफलाइन लोकल नेटवर्क को हाईस्पीड बनाने की है। लोकल नेटवर्क पर अत्यधिक बोझ है जिसके कारण यात्रियों को जान गंवानी पड़ रही है,यह बहुत ही चिंताजनक है।जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
– नवभारत लाइव के लिए मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट
