Borivali Railway Station Incident (फोटो क्रेडिट-X)
Moving Train Rescue: मुंबई के व्यस्त बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्लेटफार्म पर तैनात रेलवे चेकिंग स्टाफ की तत्परता और सूझबूझ ने एक यात्री को मौत के मुंह से बाहर खींच लिया। यह घटना उस समय घटी जब एक यात्री ने बोरीवली स्टेशन पर न रुकने वाली युवा एक्सप्रेस (Yuva Express) से उतरने का दुस्साहस किया। तेज रफ्तार ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच के गैप में फंसने ही वाला था कि वहां खड़े रेल कर्मचारी ने देवदूत बनकर उसकी जान बचा ली।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन प्रशासन ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी साझा किया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी। बोरीवली जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशन पर इस तरह की घटनाएं अक्सर यात्रियों की जल्दबाजी के कारण होती हैं, लेकिन आज रेलवे स्टाफ की सतर्कता ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
घटना के अनुसार, युवा एक्सप्रेस बोरीवली प्लेटफॉर्म से गुजर रही थी, क्योंकि वहां इस ट्रेन का ठहराव (Halt) नहीं था। इसी दौरान एक यात्री, जिसे शायद स्टेशन का अंदाजा नहीं मिला या वह गलत ट्रेन में सवार हो गया था, उसने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। गति तेज होने के कारण यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच बने जानलेवा अंतराल (Gap) की ओर खिंचने लगा। वहां मौजूद अन्य यात्री सन्न रह गए, लेकिन चेकिंग स्टाफ के सदस्य ने बिना एक सेकंड गंवाए दौड़कर यात्री को पीछे की ओर खींच लिया।
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जिस रेल कर्मचारी ने इस यात्री की जान बचाई, उसकी पहचान और बहादुरी की चर्चा पूरे मुंबई रेल मंडल में हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर तैनात स्टाफ को विशेष रूप से ऐसी आपात स्थितियों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यदि कर्मचारी कुछ सेकंड की भी देरी करता, तो यात्री सीधे पहियों के नीचे आ सकता था। पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारी को पुरस्कृत करने की सिफारिश की है और यात्रियों से बार-बार अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें।
यह पहली बार नहीं है जब बोरीवली या मुंबई के किसी अन्य स्टेशन पर इस तरह की जानलेवा कोशिश की गई हो। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, चलती ट्रेन से गिरने के कारण होने वाले हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रशासन का कहना है कि ‘युवा एक्सप्रेस’ जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों की गति प्लेटफॉर्म पर भी काफी अधिक होती है। यात्री अक्सर समय बचाने के चक्कर में या प्लेटफॉर्म छूट जाने के डर से कूद जाते हैं, जो अक्सर घातक साबित होता है। रेलवे ने अब प्लेटफार्म पर एनाउंसमेंट और सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया है।