नवी मुंबई आयुक्त को Bombay High Court ने लगायी फटकार, गवाह के गायब होने को लेकर पूछा सवाल
मुंबई के बिल्डर सुनील लोहारिया के मर्डर केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को जमकर फटकारा है। कोर्ट ने लोहारिया की याचिका को गंभीरता से लेते हुए नवी मुंबई पुलिस आयुक्त से तुरंत जवाब मांगा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: भवन निर्माता सुनील लोहारिया मर्डर केस में मुंबई उच्च न्यायालय ने नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त को सनी लाहोरिया द्वारा दायर एक शिकायत पर की गई कार्रवाई के संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने लोहारिया के बेटे सनी की याचिका को गंभीरता से लिया है और नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त से तत्काल जवाब मांगा है। इस संबंध में अदालत ने सुनवाई के लिए 10 सितंबर को दोपहर 3 बजे का समय तय किया है। स्व. सुनील लोहारिया के बेटे सनी ने बंबई उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर कर अनुराग गर्ग और सुरेश बिजलानी की जमानत रद्द करने की मांग की है।
इसी संबंध में उक्त सुनवाई हो रही है। गौरतलब है कि उक्त मामले में पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराने वाला एक प्रमुख गवाह लापता हो गया है। जिसके बाद सनी लोहारिया को धमकी मिली थी, इस संबंध में अपनी जान को खतरा होने की संभावना को ध्यान में रखते सनी ने वाशी पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर किया।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती के पीआई पर पत्नी को सड़क पर मारने का आरोप, डाबकी रोड पुलिस थाने में शिकायत
अंधश्रद्धा फैलाने वाले भोंदू बाबा गिरफ्तार, बच्चों पर अमानवीय प्रयोग, पुलिस ने अमरावती से पकड़ा
प्रतिबंधित प्लास्टिक और अस्वच्छता फैलाने वालों पर कार्रवाई, मनपा स्वच्छता विभाग ने वसूला 36 रु. हजार जुर्माना
गैस सिलेंडर की कमी से नागरिक त्रस्तलक्ष्य पूरा नहीं, लंबी कतारें और कालाबाजारी जारी
कोर्ट ने पूछा, क्या कदम उठाए गए
जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने पाया कि सनी द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर स्वरूप के है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा से यह स्पष्ट करने को कहा कि इस मामले में क्या कदम उठाए गए हैं। न्यायालय ने कहा कि लोहारिया के बेटे ने नाम और नंबर उपलब्ध करा दिया है, बाकी पुलिस को अपना काम करना है। इस संबंध में महाराष्ट्र राज्य के लोक अभियोजक ने जवाब दिया कि यह मामला नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आता है। जिसके बाद न्यायाधीश ने तुरंत नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त को जवाब देने का निर्देश दिया और उनको भी याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया।
ये भी पढें :- हाई स्पीड में तेजी से आगे बढ़ रहा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, गुजरात में पूरा हुआ ज्यादातर काम
कोर्ट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य
- उक्त मामले की सुनवाई के दौरान सनी लोहारिया की ओर से अधिवक्ता हेमांशु कोडे ने अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किया कि अभियुक्तगण वही कार्यप्रणाली अपना रहे हैं, जो उनके मुवक्किल के पिता सुनील लोहारिया के खिलाफ पहले अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि हत्या से पहले उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए थे और बाद में जब उन्होंने उनकी मांगों को नहीं माना, तो उनकी हत्या कर दी गई।
- इसी तरह लोहारिया के बेटे के खिलाफ भी फर्जी गोलीबारी का मामला, एनडीपीएस का मामला और आतंकवाद निरोधक दस्ते में शिकायत दर्ज की गई है। अब भी सनी को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, इसलिए उसकी हत्या की संभावना बढ़ गई है। जिसके बाद कोर्ट ने उक्त फैसला सुनाया।
