
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति और सोशल मीडिया जगत में हलचल तेज है। यूके स्थित डॉक्टर और चर्चित यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उनके खिलाफ जारी ‘लुकआउट सर्कुलर’ (LOC) को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुंबई पुलिस को नोटिस जारी किया है।
ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर संग्राम पाटिल पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के विरुद्ध सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। यह कार्रवाई पिछले साल दिसंबर में महाराष्ट्र भाजपा के सोशल मीडिया समन्वयक निखिल भामरे की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। भामरे का आरोप है कि पाटिल की पोस्ट भड़काऊ और अपमानजनक थीं, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
डॉ. पाटिल को 10 जनवरी को भारत आगमन पर मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहली बार रोका गया था। इसके बाद, 16 जनवरी को जब वह मैनचेस्टर लौटने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें ‘लुकआउट सर्कुलर’ (LOC) के आधार पर फिर से रोक लिया गया और देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई। इसी सर्कुलर और एफआईआर को चुनौती देते हुए पाटिल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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डॉ. पाटिल के वकील सुदीप पसबोला ने न्यायमूर्ति अश्विन भोबे की पीठ के समक्ष तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को इस एफआईआर की पूर्व जानकारी तक नहीं थी। वह स्वेच्छा से भारत आए थे और अब तक तीन बार पुलिस पूछताछ में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पाटिल पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर, महाधिवक्ता (Advocate General) मिलिंद साठे ने पुलिस का पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं।
सभी पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने मुंबई पुलिस को पाटिल की याचिका पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 4 फरवरी निर्धारित की है। फिलहाल, डॉ. पाटिल को देश में ही रुकना होगा और पुलिस की जांच का सामना करना होगा।






