Mumbai: मंत्री का बेटा फरार, पुलिस बेबस? हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई कड़ी फटकार
Maharashtra: महाड नगर परिषद चुनाव हिंसा मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।अदालत ने मंत्री के फरार बेटे को लेकर कानून व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई उच्च न्यायालय (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mahad Election Violence Case: महाड नगर परिषद चुनाव के दौरान हुई हिंसा के संदर्भ में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सवाल उठाया कि क्या राज्य में कानून व्यवस्था वास्तव में मौजूद है।
अदालत ने यह भी पूछा कि क्या मुख्यमंत्री इतने असहाय हैं कि वह उस मंत्री के खिलाफ कुछ भी नहीं कह सकते, जिसके बेटे का नाम एक आपराधिक मामले में सामने आने के बाद वह फरार है। न्यायमूर्ति माधव जमदार ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्रियों के बच्चे अपराध करते हैं और खुलेआम घूमते रहते हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं पाती।
अब तक गिरफ्तारी नहीं
कोर्ट शिवसेना मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। विकास का नाम महाड नप चुनावों के दौरान 2 प्रतिद्वंदी गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प से जुड़े मामले में आरोपी के रूप में दर्ज है। हालांकि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और जमानत याचिका खारिज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय सीएम के पास है और फरार आरोपी विकास पर 1 लाख का इनाम भी है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे। अदालत ने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से न्याय नहीं होता, बल्कि कानून का वास्तविक पालन होना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी पूछ कि जब न्यायालय के स्पष्ट निर्देश मौजूद है, तब पुलिस कार्रवाई से पीछे क्यों हट रही है, इससे यह संदेश जाता है कि प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग और आम नागरिकों के लिए अलग है।
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कोर्ट से मिली फटकार तो दी सफाई
कोर्ट ने राज्य सरकार को गुरुवार शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था। शाम को सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि विकास गोगावले ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने का आश्वासन दिया है। वैसे राज्य सरकार के इस लीपापोती वाले जवाब से भी अदालत संतुष्ट नहीं हुई। दरअसल, महाड नगर परिषद के चुनाव के दौरान शिवसेना शिंदे ग्रुप के समर्थकों और अजीत पवार की राकां के समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई थी। इस झड़प के बाद दोनों पक्षों ने महाड पुलिस स्टेशन में अलग-अलग केस दर्ज कराए, उसके बाद से ही विकास फरार बताया जा रहा है।
