बीएमसी चुनाव 2026 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में इस बार 227 में से 32 सीटों पर सीधा चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा।
इन सीटों पर भाजपा-शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) गठबंधन और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)-मनसे गठबंधन आमने-सामने होंगे। इन निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी मजबूत तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार मैदान में नहीं हैं।
इस सीधी टक्कर की बड़ी वजह वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) का इन सीटों पर उम्मीदवार न उतारना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीएमसी चुनाव में VBA के हिस्से में आई 62 सीटों में से 21 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करना संभव नहीं हो सका। ऐसे में इन क्षेत्रों में मुकाबला दो प्रमुख गठबंधनों तक सीमित हो गया है।
VBA से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कुछ वार्डों में उपयुक्त उम्मीदवारों की कमी रही, जबकि कुछ सीटों पर नामांकन दस्तावेजों में खामियों के कारण परेशानी सामने आई। इन परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने रणनीतिक फैसला लेते हुए कई सीटों पर उम्मीदवार न उतारने का निर्णय किया।
स्थिति को भांपते हुए VBA ने मंगलवार सुबह कांग्रेस को सूचित किया कि वह मुंबई में केवल पांच सीटों पर ही चुनाव लड़ेगी। बाकी 16 सीटों पर कांग्रेस को अपने उम्मीदवार उतारने का सुझाव दिया गया। इसके बाद कांग्रेस ने तेजी से रणनीति बनाते हुए उम्मीदवारों की घोषणा की।
कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी का प्रयास है कि जहां VBA चुनाव नहीं लड़ रही, वहां संगठनात्मक ताकत के बल पर मुकाबले को मजबूत किया जाए।
ये भी पढ़ें :- Maharashtra Nikay Chunav: नाम वापसी के बाद साफ होगी तस्वीर, उल्हासनगर चुनाव में घमासान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 32 सीटों पर सीधा मुकाबला होने से चुनाव बेहद रोचक और निर्णायक बन गया है। एक ओर महायुति अपनी सत्ता और संगठन की ताकत दिखाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर उबाठा-मनसे गठबंधन मराठी अस्मिता और सांस्कृतिक मुद्दों को केंद्र में रखकर मैदान में उतरा है।