Mumbai: BMC के पानी बिल का ₹3736 करोड़ बकाया, सरकारी विभाग भी सूची में
Mumbai News: बीएमसी के पानी बिल का बकाया ₹3736 करोड़ पहुंच गया है। निजी संस्थान, म्हाडा, रेलवे और राज्य सरकार जैसे बड़े बकायेदार हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट में ₹12 हजार करोड़ की गिरावट से चिंता बढ़ गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी का पानी बिल (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: अगर आम नागरिक बीएमसी का बकाया पानी का बिल नहीं भरें, तो उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं, लेकिन सरकारी संस्थानों के खिलाफ बीएमसी किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकती है।
यही वजह है कि इनकी बकाया राशि दिन- प्रतिदिन बढ़ती जाती है। यानी बकाया राशि वसूलने का बीएमसी के पास को विशेष प्लान नहीं नजर आता है। बीएमसी से प्राप्त आंकड़े के मुताबिक 3 नवंबर तक बीएमसी के पानी का बिल का कुल बकाया राशि 3736 करोड़ है, जिसमें निजी संस्थान के बाद म्हाडा, रेलवे व राज्य सरकार बड़े बकायादारों में शामिल है।
कई बिल तो ऐसे हैं, जो वर्ष 2002 से बकाया है, जो विभागीय तालमेल में कमी को दर्शाता है। बीएमसी की फिक्स्ड डिपोजिट लगातार कम हो रही है। पिछले 3 वर्षों में यह राशि 12 हजार करोड़ रुपये कम हुई है। आय बढ़ाने के लिए बीएमसी विभिन्न उपायों की तलाश कर रही है। जो बिल की राशि बीएमसी को वसूलना चाहिए, उसमें वह फिसड्डी नजर आ रही है। फिक्स्ड डिपोजिट कम होने की वजह से मनपा पर विभिन्न स्रोतों से आय उत्पन्न करने का दबाव है।
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2238 करोड़ बकाया गैर-सरकारी
संस्थान यानी निजी संस्थान के भी 2238.57 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 884.32 करोड़ रुपये पानी का बिल, 610.44 करोड़ रुपये सीवरेज चार्जेज के रूप में और 740.91 करोड़ रुपये जुर्मान सहित अन्य चार्जेज के रूप में शामिल है।
म्हाडा के भी 541 करोड़ बाकी
सरकारी संस्थानों में म्हाडा के 541.62 करोड़ पानी का बिल बकाया है, जो म्हाडा बीएमसी को भुगतान करने में असमर्थ रही है। म्हाडा के पानी बिल 255.78 करोड़, सीवरेज चार्जेज 176.55 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा जुर्माना सहित अन्य राशि 109 करोड़ के आसपास है। म्हाडा को बीएमसी ने इस संबंध में अब तक कुल 2190 पानी व सीवरेज के बिल थमाए हैं।
राज्य सरकार का भी 210 करोड़ रुपये
गौरतलब है कि बीएमसी के बकायेदारों की लिस्ट में खुद राज्य सरकार भी शामिल है। राज्य सरकार को बीएमसी को 210।74 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसमें बिल न भरने पर 33 करोड़ की जुर्माने की राशि शामिल है। इसके अलावा केंद्र सरकार के भी 76.44 करोड़ रुपये बकाया है।
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रेलवे का भी 500.17 करोड़
पश्चिम रेलवे का पानी बीएमसी से प्राप्त हुए आंकड़े बताते है कि 3 नवंबर 2025 का बिल 328.07 करोड़ बकाया है, वही मध्य रेलवे का 172.10 करोड़ बकाया है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी को भी रेलवे को भुगतान करना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बीएमसी अपनी पाइपलाइन बिछाने के लिए रेलवे के जमीन का इस्तेमाल करती है।
