मुंबई में कचरा प्रबंधन के नए नियम लागू, अब चार श्रेणियों में करना होगा कचरे का पृथक्करण
BMC New Waste Management Rules: मुंबई में कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए BMC नए नियम लागू करने जा रही है। अब सोसायटियों और संस्थानों को कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स (सौ. सोशल मीडिया )
BMC New Waste Management Rules News Update: शहर में बढ़ते कचरे के वैज्ञानिक निपटान और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बीएमसी ने कचरा प्रबंधन के नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
नए प्रावधानों के तहत अब आवासीय सोसायटियों, संस्थानों तथा अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों को कचरे का चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित सोसायटी या संस्था के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए जा रहे इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के स्त्रोत पर ही उसका वर्गीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में अश्लीलता पर लगेगी रोक, विधानसभा ने मंजूर किया नया कानून
STEMI Maharashtra बना हार्ट अटैक मरीजों की नई उम्मीद, AI से 10 मिनट में पहचान, 1.49 लाख मरीजों का समय पर इलाज
राज्य में ‘मेरा गांव, स्वस्थ गांव’ अभियान को मिली नई रफ्तार, 5,010 स्वास्थ्यकर्मियों को मिला प्रशिक्षण
महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नई पॉलिसी, 1 अगस्त से ‘डोमिसाइल सर्टिफिकेट’ हुआ अनिवार्य
नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक घर, हाउसिंग सोसायटी और संस्थान को कचरे को चार हिस्सों में अलग-अलग रखना होगा। पहली श्रेणी गीले कचरे की होगी, जिसमें रसोईघर और खाद्य पदार्थों से निकलने वाला जैविक अपशिष्ट शामिल रहेगा।
अश्विनी जोशी की अपील
हमारा उद्देश्य मुंबई में कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाना है। सभी हाउसिंग सोसायटियों और बड़े प्रतिष्ठानों से अनुरोध है कि वे कचरे के पृथक्करण और निपटान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, हमारा लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर स्वच्छ मुंबई के अभियान को सफल बनाना है।
– अश्विनी जोशी
(अतिरिक्त मनपा आयुक्त)
ये भी पढ़ें :- मीरा-भाईंदर हाईवे प्रोजेक्ट में देरी पर सख्त हुए मंत्री प्रताप सरनाईक, 10 जून तक काम पूरा करने के निर्देश
हानिकारक पदार्थों को अलग रखना आवश्यक होगा
- दूसरी श्रेणी सूखे कचरे की होगी, जिसमें कागज, प्लास्टिक, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री रखी जाएगी। तीसरी श्रेणी सैनिटरी वेस्ट की होगी, जिसमे डायपर, सैनिटरी नैपकिन तथा घरेलू उपयोग से निकलने वाला स्वास्थ्य संबंधी कचरा शामिल होगा।
- चौथी और सबसे सवेदनशील श्रेणी स्पेशल केयर वेस्ट की होगी, जिसमें पुरानी बैटरियां, एक्सपायर दवाइयां, सिरिज, पेट के डिब्बे, बल्ब और ट्यूबलाइट जैसे संभावित रूप से हानिकारक पदार्थों को अलग रखना आवश्यक होगा। बीएमसी ने सैनिटरी और स्पेशल केयर वेस्ट के संग्रहण के लिए विशेष व्यवस्था भी विकसित की है। वर्तमान में शहर की 7,000 से अधिक हाउसिंग सोसायटियां, हॉस्टल, ब्यूटी पार्लर और विभिन्न संस्थान इस प्रणाली से जोड़े जा चुके हैं।
