BMC Budget 2026-27 को मंजूरी: 80,952 करोड़ का बजट, विकास निधि फिर शुरू
मुंबई में BMC के 2026-27 बजट को स्थायी समिति ने मंजूरी दे दी है। 800 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ विकास निधि फिर शुरू की गई है, जबकि विपक्ष ने टैक्स और सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी (फोटो क्रेडिट-X)
BMC Mumbai Budget 2026-27: बीएमसी के वर्ष 2026-27 के लगभग 80,952 करोड़ रुपये के बजट को सोमवार को स्थायी समिति की मंजूरी मिल गई। बजट पर चली विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने इसमें 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी करते हुए इसे अंतिम रूप दिया।
अब यह प्रस्ताव 9 अप्रैल को महासभा के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा, जहां औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। बता दें कि बीएमसी प्रशासन ने 25 फरवरी को यह बजट पेश किया था।
इस बार के बजट में सबसे अहम पहलू नगरसेवकों के लिए विकास निधि का प्रावधान है, जो करीब तीन वर्षों के अंतराल के बाद फिर से शुरू किया गया है। वर्ष 2021-22 में जहां 600 करोड़ रुपये की निधि निर्धारित की गई थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 800 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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इस राशि को BMC के 227 नगरसेवकों के बीच बांटने की योजना है, जिसके तहत प्रत्येक नगरसेवक को औसतन सालाना एक करोड़ रुपये तक की राशि मिल सकती है।
BMC महापौर निधि के तहत 100 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित
- इसके अलावा जिन प्रभागों में विकास कार्यों की अधिक आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराया जाएगा। महापौर निधि के तहत 100 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं, जबकि शेष राशि विभिन्न विकास परियोजनाओं के आधार पर वितरित की जाएगी।
- स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच करीब 313 करोड़ रुपये के वितरण का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि जिन नगरसेवकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। कुल बजट में से लगभग 41,390 करोड़ रुपये शहर के बुनियादी ढांचे और अन्य विकास परियोजनाओं पर खर्च किए जाने का प्रावधान किया गया है।
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विपक्ष ने उठाए सवाल, टैक्स में राहत देने की मांग
- बजट को लेकर विपक्ष ने कई सवाल भी उठाए है। कांग्रेस के नगरसेवक अशरफ आजमी ने आरोप लगाया कि मुंबई से भारी मात्रा में कर वसूली के बावजूद नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है, जो चिंता का विषय है। इसके अलावा, ‘जीरो प्रिस्क्रप्शन पॉलिसी’ को हटाए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
- आजमी ने बढ़ते प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर भी बीएमसी प्रशासन की आलोचना की। उनके अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स से होने वाली वसूली 2800 करोड़ रुपये से बढ़कर 5600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिससे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और वे शहर छोड़ने को मजबूर हो रहे है। उन्होंने सरकार से करदाताओं को राहत देने की मांग की। साथ ही, मराठी सिनेमा और थिएटर ‘को बढ़ावा देने के लिए उन्हें ‘मनोरंजन कर से छूट देने की भी मांग की।
