जीशान सिद्दीकी की उम्मीदवारी पर NCP में रार, आनंद परांजपे थामेंगे शिवसेना का दामन! मिटकरी भी नाराज

NCP MLC Election Zeeshan Siddiqui: जीशान सिद्दीकी की उम्मीदवारी से आनंद परांजपे और अमोल मिटकरी नाराज। ठाणे में शिवसेना में शामिल होने की अफवाहों पर परांजपे ने दी सफाई।
NCP Leader on Zeeshan Siddiqui
NCP Leader on Zeeshan Siddiqui (फोटो क्रेडिट-X)
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NCP Leader on Zeeshan Siddiqui: महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में जीशान सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। इस एक सीट के लिए पार्टी के भीतर 75 से अधिक इच्छुक उम्मीदवार थे, जिनमें कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि जीशान सिद्दीकी के चयन में वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने अहम भूमिका निभाई है, जिससे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में असुरक्षा और नाराजगी का भाव पैदा हो गया है।

इस फैसले का सबसे मुखर विरोध विधायक अमोल मिटकरी की ओर से देखने को मिला। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिस सीट पर नियुक्ति हुई है, वह उनकी अपनी थी और उन्हें उम्मीद थी कि संसदीय बोर्ड कम से कम चर्चा के लिए उन्हें बुलाएगा। मिटकरी ने जीशान सिद्दीकी को बधाई तो दी, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के इस तरह के एकतरफा फैसले से उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत दुख पहुँचा है।

ठाणे में आनंद परांजपे की नाराजगी और अटकलें

ठाणे जिले के प्रमुख नेता और प्रवक्ता आनंद परांजपे के नाम को लेकर राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा रही। खबरें आने लगीं कि MLC उम्मीदवारी की रेस से बाहर होने के बाद परांजपे एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और जल्द ही शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम सकते हैं। इस चर्चा को इसलिए भी बल मिला क्योंकि ठाणे मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है और परांजपे वहां पार्टी का एक महत्वपूर्ण चेहरा रहे हैं।

अमोल मिटकरी की आपत्ति: वर्तमान विधायक होने के बावजूद दूसरा मौका न मिलने और संसदीय बोर्ड द्वारा चर्चा न किए जाने पर मिटकरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

आनंद परांजपे और शिवसेना: ठाणे के नेता आनंद परांजपे के एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने और शिवसेना में शामिल होने की खबरें सामने आई थीं।

परांजपे का खंडन: आनंद परांजपे ने इन खबरों को अफवाह बताया है और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए स्पष्ट किया कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं।

परांजपे ने अफवाहों पर लगाया विराम

इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद परांजपे ने स्पष्ट किया कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं और पार्टी में ही बने रहेंगे। उन्होंने शिंदे से अपनी मुलाकातों को 'महायुति' के नेताओं के बीच की सामान्य मुलाकात बताया। परांजपे ने कहा, "यह महज एक अफवाह है कि मैं शिंदे सेना में शामिल होने वाला हूँ। मैं पार्टी के साथ खड़ा रहूँगा"। हालांकि, उनके इस खंडन के बावजूद ठाणे की राजनीति में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर सवाल बने हुए हैं।

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