BMC Hospital Tender Scam: मुलुंड में BMC टेंडर पर 45 करोड़ घोटाले का आरोप, विधायक ने जांच की मांग
BMC Hospital Tender Scam News: मुलुंड से भाजपा विधायक ने BMC अस्पताल हाउसकीपिंग टेंडर में 45 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। ‘जीरो रेट’ बोली के दावों के बीच टेंडर रद्द कर जांच की मांग उठी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी हॉस्पिटल टेंडर स्कैम का आरोप (सौ. सोशल मीडिया )
BMC Hospital Tender Scam Allegation: मुलुंड से भाजपा विधायक मिहिर कोटेचा ने मनपा अस्पतालों में हाउसकीपिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए जारी टेंडर में 45 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए रद्द करने की मांग की है।
टेंडर प्रोसेस में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए BMC हेल्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। बुधवार को स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्ताव लाया जाना है, उसके पहले भाजपा नेता ने मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिख कर इसे रद्द कर जांच की मांग कर दी है। पत्र में कोटेचा ने कहा कि टेंडर अनुमानित कीमत से 20% कम रेट पर कोट किया गया है।
सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी मेसर्स ऑरा एफएमएस प्राइवेट लिमिटेड ने वर्कर्स और सुपरवाइजर्स के लिए ग्रेच्युटी, सर्विस चार्ज और सेफ्टी इक्विपमेंट जैसी जरूरी चीजों के लिए ‘जीरो’ रेट दिखाए हैं। हालांकि, टेंडर फॉर्म में मिनिमम अमाउंट बताना जरूरी था।
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कोटेजा ने दिया बयान
कोटेचा ने आगे कहा कि एनेक्सर ‘बी’ में ऑरा एफएमएस ने डिसइंफेक्टेंट, डिटर्जेंट, साबुन, ब्रश, झाड़ वगैरह जैसे रोजाना इस्तेमाल होने वाले हाइजीन इक्विपमेंट के लिए भी जीरो कीमत दिखाई है।
सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के सेक्शन 53 के मुताबिक एक साल बाद ग्रेच्युटी देना जरूरी है। ऑरा एफएमएस देश की सबसे बड़ी सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन की तरह है। कोटेचा ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि कंपनी को 266 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट में एक भी रुपये का प्रॉफिट नहीं होगा।
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मंजूरी मिलने से पहले ही वर्कर्स तैनाती का आरोप
वहीं सुरक्षा के लिए जरूरी सामान की जीरो कॉस्ट दिखाकर कामगार के हेल्थ से समझौता कर लेबर कानूनों का उल्लंघन किया है। 41 लाख स्क्वेयर फीट एरिया में 800 बाथरूम है बिना किसी सैनिटेशन सामान और बिना किसी कॉस्ट के मेंटेन करेंगे। कोटेचा ने यह भी दावा किया कि ऑरा एफएमएस सिर्फ एक फ्रंट कंपनी है और असली काम विवादित कॉन्ट्रैक्टर मेसर्स हाईवे कंस्ट्रक्शन्स करेगा। पूरे टेंडर प्रोसेस में इस तरह से हेरफेर किया गया कि सिर्फ ऑरा एफएमएस प्राइवेट लिमिटेड को ही कॉन्ट्रैक्ट मिले। यही नहीं आरोप लगाया कि कॉन्ट्रैक्टर ने स्टैंडिंग कमिटी से मजूरी मिलने से पहले ही केईएम हॉस्पिटल में सैकड़ों वर्कर्स को तैनात कर दिया था।
