Mithi River Cleaning Delay: मीठी नदी सफाई में सुस्ती, मानसून से पहले सिर्फ 34% काम पूरा
Mithi River Cleaning Delay News: मुंबई में मानसून से पहले मीठी नदी की सफाई धीमी गति से चल रही है। अब तक केवल 34% काम पूरा हुआ है, जबकि लक्ष्य घटाने और देरी से जलजमाव का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मीठी नदी (सौ. सोशल मीडिया )
Mithi River Cleaning Delay BMC: शहर में मानसून से पहले मीठी नदी की सफाई शुरू हो गई है, लेकिन नगरसेवकों का कहना है कि यह काम अत्यंत धीमी गति से किया जा रहा है। मंगलवार तक बीएमसी से प्राप्त हुए आंकड़ों के मुताबिक मीठी नदी की सफाई केवल 34 प्रतिशत ही हुई है।
गौरतलब है कि मीठी नदी की सफाई के लिए जारी किए गए टेंडर में पहले कंपनियां भाग लेने से कतरा रही थीं, जिस वजह से सफाई देरी से शुरू हुई। हालांकि मीठी नदी व अन्य छोटे व बड़े नालों की डेडलाइन 31 मई निर्धारित की गई है।
बीएमसी ने देरी से शुरू किया कामः आजमी
कुर्ला के वार्ड 165 के कांग्रेस नगरसेवक व गुटनेता अशरफ आजमी ने बताया कि कुछ दिनों पहले महापौर रितु तावड़े ने मीठी नदी सफाई स्थल पर निरीक्षण किया था, लेकिन वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ था, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
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उन्होंने आगे बताया कि बीएमसी ने पहले ही गाद हटाने के अपने लक्ष्य में 40 प्रतिशत की कटौती करते हुए इसे 12.03 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 8.47 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इससे साफ होता है कि बीएमसी ने देरी से काम शुरू किया जिसके बाद लक्ष्य को घटाया गया है। लक्ष्य घटाने से मानसून में कुर्ला एलबीएस रोड व अन्य मीठी नदी से जुड़े इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है।
नगरसेवक ने बीएमसी पर लगाया लापरवाही का आरोप
- गोवंडी के वार्ड 136 के नगरसेवक व स्टैंडिंग कमिटी सदस्य जमीर कुरैशी ने भी बीएमसी की लापरवाही पर जमकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मई महीना की शुरुआत पर भी मीठी नदी सफाई का आधा काम भी पूरा नहीं हुआ है। यह अत्यंत गंभीर विषय है।
- छोटे व बडे नालों की सफाई भी धीमी गति से की जा रही है। बीएमसी को यह काम पहले ही पूरा कर लेना चाहिए, क्योंकि मानसून के पहले अगर बारिश होती है तो पिछले वर्ष की तरह जलजमाव देखने को मिल सकता है।
इस वर्ष बीएमसी 8.41 लाख मीट्रिक टन गाद हटाने की योजना बना रही है। इसमें से 3.67 लाख मीट्रिक टन छोटी नालियों से, 3.41 लाख मीट्रिक टन बड़ी नालियों से और 1.32 लाख एमटी मीठी नदी से हटाई जाएगी।
– अभिजीत बांगर, अतिरिक्त मनपा आयुक्त
कुछ जगहों पर जर्जर हालत में दीवारः डॉक्टर सईदा खान
राकांपा नगरसेविका डॉक्टर सईदा खान ने पहले ही मीठी नदी दीवार की दुर्दशा पर सवाल उठाया था। उन्होंने बताया कि मीठी नदी के कुछ जगहों पर जर्जर हालत में दीवार पानी के फोर्स को संभाल नहीं सकेगी और बड़े हादसे की दावत दिया जा सकता है।
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अतिरिक्त मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि गाद हटाने के लक्ष्य में बदलाव इसलिए किया गया है, क्योंकि कुल मात्रा में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा तैरते कचरे, प्लास्टिक और मलबे का होता था। हमने इस हिस्से को कम किया है। ताकि पारदर्शिता बनी रहे और ठेकेदारों को केवल वास्तविक गाद हटाने के आधार पर ही भुगतान किया जाए, न कि तैरते कचरे को शामिल करके।
